Thursday, August 24, 2017

Breaking News

   मच्छल में घुसपैठ नाकाम, पांच आतंकी ढेर, भारी मात्रा में गोलाबारूद बरामद    ||   जापान के बाद अब अमेरिका के साथ युद्धाभ्यास की तैयारी में भारत    ||   SC में आर्टिकल 370 को हटाने के लिए याचिका दायर, कोर्ट ने दिया केंद्र को नोटिस    ||   राज्यसभा में सिब्बल बोले- छप रहे 1 नंबर के दो नोट, सदी का सबसे बड़ा घोटाला    ||   नीतीश सरकार के मंत्रिमंडल का आज होगा विस्तार, शपथ ले सकते हैं 16 मंत्री    ||   सपा को तगड़ा झटका, बुक्कल नवाब समेत 2 MLC का इस्तीफा, की मोदी-योगी की तारीफ    ||   नगालैंड: शुरहोजेली ने विश्वासमत से पहले ही मानी हार, ज़ेलियांग ने ली CM पद की शपथ    ||   बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा- पार्टी कहेगी तो दे दूंगा इस्तीफा    ||   डोकलाम विवाद: भारतीय सीमा के पास खूब हथियार जमा कर रहा है चीन!    ||   रवि शास्त्री की चाहत- सचिन को मिले भारतीय बल्लेबाजी का जिम्मा    ||

97 साल के छात्र राजकुमार वैश्य बने नौजवानों के लिए मिसाल, इस उम्र में दे रहे हैं एमए की परीक्षा

अंग्वाल न्यूज डेस्क
97 साल के छात्र राजकुमार वैश्य बने नौजवानों के लिए मिसाल, इस उम्र में दे रहे हैं एमए की परीक्षा

पटना। बिहार इन दिनों अपनी शिक्षा व्यवस्था को लेकर खासा चर्चा में है। एक तरफ जहां इंटर के टाॅपर 42 वर्षीय गणेश राम ने शिक्षा व्यवस्था पर कलंक लगाया तो वहीं दूसरी तरफ 97 साल के राजकुमार वैश्य लोगों के लिए मिसाल बने हुए हैं। जी हां, राजकुमार वैश्य इस उम्र में एमए के दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा दे रहे हैं। राजकुमार उन लोगों को भी एक शिक्षा दे रहे हैं कि पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती है। 

पढ़ाई का जुनून

आमतौर पर 97 साल की उम्र आराम करने की होती है। इस उम्र में लोग मुश्किल से चल-फिर सकते हैं। अगर आप चलने-फिरने में समर्थ हैं भी तो पढ़ाई करना मुश्किल है। ऐसे ही लोगों के लिए पटना के राजेन्द्र नगर में रहने वाले 97 वर्षीय राजकुमार वैश्य पढ़ाई से जी चुराने वाले नौजवानों के लिए एक मिसाल बने हुए हैं। राजकुमार इस उम्र में अर्थशास्त्र से एमए कर रहे हैं और इसके दूसरे वर्ष की परीक्षा दे रहे हैं। आपको बता दें कि पहले वर्ष की परीक्षा इन्होंने अच्छे अंकों से पास की है।  

जिन्दगी का सफर

गौरतलब है कि राजकुमार का जन्म जन्म 1920 में उत्तर प्रदेश के बरेली में हुआ था। इन्होंने मैट्रिक और इंटर की परीक्षा बरेली से ही साल 1934 और वर्ष 1936 में पास की। इसके बाद आगरा विश्वविद्यालय से 1938 में स्नातक की परीक्षा पास की और यहीं से कानून की भी पढ़ाई की। इसके बाद झारखंड के कोडरमा में नौकरी लग गई। नौकरी लगने के कुछ ही समय के बाद उनकी शादी हो गई। साल 1977 में नौकरी से सेवानिवृत्त होने के बाद अब वे अपने बेटे और बहु के साथ पटना में रहते हैं। 


बेटे और बहू कर रहे इच्छा पूरी

नौकरी से रिटायर होने के बाद भी उनके मन में पढ़ाई का जुनून कम नहीं हुआ। एक दिन उन्होंने अपनी यह इच्छा अपने बेटे और बहू को बताई। बेटे और बहू ने इसके बाद नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय से संपर्क किया। बुजुर्ग द्वारा ऐसी इच्छा जताने पर विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने उनके घर पर आकर उनके दाखिले की प्रक्रिया पूरी की। यहां बता दें कि राजकुमार के बेटे संतोष कुमार और बहू एस भारती कुमार दोनों ही प्रोफेसर के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि पिताजी ने प्रथम वर्ष की परीक्षा अच्छे अंकों से पास की। अभी दूसरे साल की परीक्षा दे रहे हैं। इस उम्र में भी राजकुमार रोजाना तीन घंटे पढ़ाई करते हैं और अर्थशास्त्र के मुश्किल सवालों के जवाब देते हैं। संतोष उन्हें परीक्षा दिलवाने के लिए ले जाते हैं फिर घर लाते हैं।

अच्छे अंकों से पास होंगे

राजकुमार वैश्य की बहू प्रोफेसर भारती एस. कुमार कहती हैं, ‘यह परीक्षा न केवल उनके सपनों को पूरा कर रहा है, बल्कि यह संदेश भी है कि पढ़ने-लिखने और जानने-सीखने की कोई उम्र नहीं होती’। राजकुमार वैश्य को पूरा विश्वास है कि वे एमए की परीक्षा जरूर पास कर जाएंगे। 

 

Todays Beets: