Thursday, August 24, 2017

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ऐसा अनोखा गांव जहां हर ग्रामीण आराम के लिए नहीं बल्कि मजबूरी में हर समय सोने को होता है मजबूर...जानिए अनोखा सच

अंग्वाल संवाददाता
ऐसा अनोखा गांव जहां हर ग्रामीण आराम के लिए नहीं बल्कि मजबूरी में हर समय सोने को होता है मजबूर...जानिए अनोखा सच

सोना आखिर किसे पंसद नहीं होता है। कई लोगों के लिए यह दुनिया का सबसे आसानदायक और मजेदार काम है। थके होने पर मौका मिलते ही आप-हम सबसे पहले सोने के लिए चल देते हैं, लेकिन सोना भी एक सीमा में अच्छा लगता है। अगर किसी से कहां जाए कि वह सोता रहे तो सोचो उसकी स्थिति कैसी होगी। दरअसल, उत्तरी कजाकिस्तान के कलाची नाम के एक गांव में ज्यातादर लोग अक्सर सोते ही रहते हैं। इस गांव में सोने की आदत एक बीमारी का रूप ले चुकी है। यहां अपनी मर्जी से या आराम करने के लिए कोई नहीं सोते बल्कि अपने आप ही उन्हें नींद आ जाती है। डॉक्टर ने जांच के बाद में इसे गांव में महामारी घोषित कर दिया है।

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डॉक्टर भी इस बात से हैरान हैं कि आखिर किस चीज के कारण यहां के लोग हर समय सोते रहते हैं। बताया जा रहा है कि पिछले चार सालों से लगातार गांव में धीरे -धीरे करके यह बीमारी अधिकतर लोगों को लग गई है। चिंता की बात तो यह कि इस बीमारी से बच्चे ज्यादा प्रभावित हो रहे है। रिपोर्ट के मुताबिक, लोगों को सोने के बाद होश नहीं रहता है। लोगों को डर रहता है कि कहीं वह सोने के बाद कभी उठे ही नहीं तो। साथ ही इस बीमारी से लोगों की याद्दाश्त भी कमजोर होती जा रही है।


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डॉक्टर के अनुसार, सभी लोगों की जांच के बाद उन्होंने पाया कि किसी को भी कोई वायरस या फिर बैक्टीरिया इंफेक्शन नहीं है। इस जगह के पानी मिट्टी में भी ऐसा कोई रसायन नहीं पाया गया है, जो इस बीमारी की वजह हो लेकिन बताया जा रहा है कि गांव से कुछ मील दूरी पर रूस की यूरेनियम की खान है। इस खान से निकलने वाला धुआं आस-पास की हवा को जहरीला बनाता है और उड़ते हुए धुआँ इस गांव में जा पहुंचता है। तभी लोग टॉक्सीन वाली हवा को सूंघने से ऐसी हालात में चले जाते हैं। इस खान से निकलने वाला धुआं इस जगह पर 16 फीसदी से भी ज्यादा प्रभावित है।

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