Tuesday, December 11, 2018

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जानिए विश्व के उन देशों के बारे में, जहां भारतीय छात्रों से नहीं ली जाती ट्यूशन फीस

अंग्वाल न्यूज डेस्क
जानिए विश्व के उन देशों के बारे में, जहां भारतीय छात्रों से नहीं ली जाती ट्यूशन फीस

नई दिल्ली। भारत में कई बोर्ड के 12वीं के नतीजे आ गए हैं। जहां एक ओर छात्र अपने बेहतर परिणाम से खुश हैं, वहीं कई छात्रों ने अपने बेहतर भविष्य के लिए योजनाओं पर काम करना शुरू भी कर दिया है। हालांकि इस दौरान छात्रों के पास कई सवाल हैं। जैसे किस कॉलेज में दाखिला लें?  कौन-सी यूनिवर्सिटी में जाएं? वहीं कुछ छात्रों का सपना विदेश में जाकर पढ़ना भी है। वहीं कई होनहान छात्रों का आर्थिक तंगी के चलते विदेश में पढ़ने का सपना पूरा नही हो पाता। लेकिन अब विदेश में पढ़ने की इच्छा रखने वाले ऐसे छात्रों को परेशान होने की जरुरत नहीं है, क्योंकि दुनिया में कई देश ऐसे हैं जहां कॉलेज और यूनिवर्सिटी की फीस बहुत कम है, तो चलिए अब हम आपको उन देशों के बारे में बताते हैं, जो भारत सहित कई देशों के छात्रों को कम पैसे में एजुकेशन देते है।

जर्मनी - बेहतरीन और रियायती शिक्षा के मामले में जर्मनी सबसे आगे है। यहां किसी भी सरकारी विश्वविद्यालय में ट्यूशन फीस नहीं ली जाती। भले ही वह छात्र किसी भी देश से क्यों न हों। हालांकि यहां पर एडमिनिस्ट्रेशन फीस देनी होती है, जो करीब 11 से 19 हजार रुपये (भारतीय मुद्रा ) के बीच सालाना होती है।

नार्वे-

नार्वे में ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट और डॉक्टरेट प्रोग्राम फ्री हैं। आप नार्वे के नागरिक हो या किसी और देश के, इस बात का कोई असर नहीं पड़ता लेकिन यहां पर पढ़ने के लिए आपको एक शर्त पूरी करनी होती है,   कि पढ़ने वाले छात्र को नार्वे की भाषा आनी जरूरी है।

स्वीडन-

स्वीडन में ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम के लिए यूरोपीय इकोनॉमिक एरिया के छात्रों से किसी भी तरह की फीस नहीं ली जाती। भारत इसमें शामिल नहीं है, हालांकि पीएचडी करने वाले सभी छात्रों के लिए कोई फीस नहीं है, चाहे वह किसी भी देश से क्यों न हों।

 


ऑस्ट्रिया-

ऑस्ट्रिया में यूरोपीय यूनियन के छात्रों के लिए कोई फीस नहीं है, लेकिन दूसरे देश के लोगों से फीस चार्ज की जाती है। हालांकि अच्छी बात ये है कि यहां पढ़ाई के लिए फीस काफी कम है। भारतीय छात्रों को वहां पढ़ने के लिए करीब 55 हजार रुपये सालाना खर्च करने पड़ सकते हैं।

फ्रांस और स्पेन

फ्रांस में कुछ सरकारी यूनिवर्सिटी को छोड़कर हर जगह फीस बहुत कम है। इसी तरह स्पेन में यूरोपीय यूनियन के छात्रों के लिए फीस नहीं है। हालांकि अच्छी बात यह है कि यहां दूसरे देशों छात्रों के लिए फीस बहुत कम है।

फिनलैंड-

फिनलैंड में यूं तो पहले किसी भी देश के छात्र से कोई फीस नहीं ली जाती थी लेकिन अब वहां नियमों में कुछ बदलाव किए गए हैं। अब यूरोपीय यूनियन और यूरोपियन इकानॉनिक एरिया से बाहर के छात्रों से फीस ली जाती है, हालांकि यह अन्य देशों की तुलना में बेहद कम है। इस सब के बीच एक खास बात ये है कि अगर वहां की स्थानीय भाषा सीखते हैं तो आप फ्री में पढ़ सकते हैं।

 

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