Monday, December 10, 2018

Breaking News

   गुलाम नबी आजाद ने जीवन भर कांग्रेस की गुलामी की है: ओवैसी     ||   बाबा रामदेव रांची में खोलेंगे आचार्यकुलम, क्लास 1 से क्लास 4 तक मिलेगी शिक्षा     ||   मैंने महिलाओं व अन्य वर्गों के लिए काम किया, मेरा काम बोलेगा: वसुंधरा राजे     ||   बजरंगबली पर दिए गए बयान को लेकर हिन्दू महासभा ने योगी को कानूनी नोटिस भेजा     ||   पीएम मोदी 3 द‍िसंबर को हैदराबाद में लेंगे पब्ल‍िक मीट‍िंग     ||   भगत स‍िंह आतंकवादी नहीं, हमारे देश को उन पर गर्व है- फारुख अब्दुल्ला     ||   अन‍िल अंबानी की जेब में देश का पैसा जा रहा है-राहुल गांधी     ||    दिल्ली: TDP नेता वाईएस चौधरी को HC से राहत, गिरफ्तारी पर रोक     ||    पूर्व क्रिकेटर अजहर तेलंगाना कांग्रेस समिति के कार्यकारी अध्यक्ष बनाए गए     ||   किसानों को कांग्रेस ने मजबूर और बीजेपी ने मजबूत बनाया: PM मोदी     ||

दिव्यांग बच्चों के लिए भी पढ़ाई होगी आसान, सीबीएसई ने ब्रेल को विषय बनाने की सिफारिश

अंग्वाल न्यूज डेस्क
दिव्यांग बच्चों के लिए भी पढ़ाई होगी आसान, सीबीएसई ने ब्रेल को विषय बनाने की सिफारिश

नई दिल्ली। दिव्यांग छात्रों की सुविधा के लिए केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने एक विशेष व्यवस्था करने जा रहा है। उनके लिए अब भारतीय साइन लैंग्वेज यानि ब्रेल को एक विषय बनाने पर विचार किया जा रहा है। कंप्यूटर आधारित टेस्ट होंगे, हाजिरी में छूट होगी और अलग-अलग विषयों के लिए अलग-अलग कठिनाई स्तर का विकल्प और विषयों के चयन में लचीलता प्रदान करना भी शामिल होगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए साइन लैंग्वेज को एक विषय बनाया जाएगा।

गौरतलब है कि सीबीएसई ने दिव्यांग बच्चों के लिए बोर्ड परीक्षा में जो भाषा के पेपर की अनिवार्यता है उसमें भी उन्हें छूट देने की बात कही है। बोर्ड के अनुसार इन पेपरों की जगह उन्हें इंडियन साइन लैंग्वेज का विकल्प दिया जा सकता है। ठीक इसी तरह ब्रेल को भी एक भाषा के ही एक विकल्प के तौर पर चुना जा सकता है।

ये भी पढ़ें - उत्तरप्रदेश में शिक्षा को बेहतर बनाने की कवायद तेज, 14 हजार से ज्यादा शिक्षकों की होगी भर्ती


यहां बता दें कि बोर्ड ने एकेडमिक और परीक्षा से संबंधित कई ऐसे सुझाव दिए हैं जो कौशल आधारित हों, इसके साथ ही विज्ञान, गणित और सामाजिक विज्ञान को और भी रुचिकर बनाने के लिए तीन कठिनाई स्तर का विकल्प मुहैया कराने को कहा है। इससे छात्र अपनी शैक्षिक योग्यता के मुताबिक विकल्प का चुनाव कर पाएंगे।

 

गौर करने वाली बात है कि सीबीएसई ने सभी राज्यों को पत्र लिखकर इस ड्राफ्ट पर अपनी टिप्पणी करने को कहा है। ड्राफ्ट में कहा गया है कि तकनीक के इस्तेमाल से दिव्यांग बच्चों के लिए पढ़ने-पढ़ाने का काम आसान हो जाएगा।  पॉलिसी ड्राफ्ट में ये भी कहा गया है कि सभी स्कूलों की बिल्डिंग इन बच्चों के अनुकूल होनी चाहिए। स्कूल का सही इन्फ्रास्ट्रक्चर होना चाहिए, बिल्डिंग के हर हिस्से में रैम्प या लिफ्ट होनी चाहिए और सुलभ शौचालय का निर्माण भी किया जाना चाहिए। 

Todays Beets: