Tuesday, October 23, 2018

Breaking News

   सेना हर चुनौती से न‍िपटने के ल‍िए तैयार, सर्जिकल स्ट्राइक भी व‍िकल्‍प: रणबीर सिंह    ||   BJP विधायक मानवेंद्र ने बदला पाला, राज्यवर्धन बोले- कांग्रेस ने 70 साल में मंत्री नहीं बनाया    ||   सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर छिड़ी जंग, हिरासत में 30 प्रदर्शनकारी    ||   विवेक तिवारी हत्याकांडः HC की लखनऊ बेंच ने CBI जांच की मांग ठुकराई    ||   केरलः अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद ने सबरीमाला फैसले के खिलाफ HC में लगाई याचिका    ||   कोलकाताः HC ने दुर्गा पूजा आयोजकों को ममता के 28 करोड़ देने के फैसले पर रोक लगाई    ||    रूस के साथ S-400 एयर डिफेंस मिसाइल पर भारत की डील    ||   नार्वेः राजधानी ओस्लो में आज होगा शांति के नोबेल पुरस्कार का ऐलान    ||   अंकित सक्सेना मर्डर केसः ट्रायल के लिए अभियोगपक्ष के 2 वकीलों की नियुक्ति    ||   जम्मू कश्मीर में नेशनल कॉफ्रेंस के दो कार्यकर्ताओं की गोली मारकर हत्या, मरने वालों में एक MLA का पीए भी     ||

सिविल सेवा की परीक्षा में शामिल होने वाले नौजवान टेंशन न लें, नहीं घटेगी अधिकतम उम्र सीमा 

अंग्वाल न्यूज डेस्क
सिविल सेवा की परीक्षा में शामिल होने वाले नौजवान टेंशन न लें, नहीं घटेगी अधिकतम उम्र सीमा 

नई दिल्ली। सिविल सेवा की परीक्षा में बैठने वाले उम्मीदवारों के लिए काफी अच्छी खबर है। सरकार इस परीक्षा में शामिल होने वाले नौजवानों की आयुसीमा में कोई बदलाव नहीं करने जा रही है। ऐसा कहा जा था कि बासवान समिति की सिफारिशों को लागू करते हुए सरकार ऊपरी आयु सीमा को 32 साल से घटाकर 26 साल कर सकती है लेकिन सरकार ने इन अटकलों को खारिज कर दिया है। केंद्रीय कार्मिक राज्यमंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने बताया कि फिलहाल परीक्षा के नियमों में कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है। जिन नियमों के तहत परीक्षा पिछले साल हुई थी, वह इस बार भी रहेंगे। 

विरोध से डरी सरकार

गौरतलब है कि सिविल सेवा की परीक्षा में शामिल होने की उम्रसीमा 21 साल से 32 साल है। पूर्व सचिव बासवान समिति ने सरकार को इसकी अधिकतम उम्रसीमा को 26 साल तक करने की सिफारिश की थी लेकिन विरोध से बचने के लिए सरकार ने अभी इसे टाल दिया है। फिलहाल इसमें कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है।  सिविल सेवा में बैठने के लिए न्यूनतम आयु 21 साल है। जबकि सामान्य उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयुसीमा 32 साल, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 35 साल, अनुसूचित जातिध्जन जाति के लिए 37 साल तथा दिव्यांगों के लिए 42 साल है  लेकिन इसमें शर्त यह है कि सामान्य उम्मीदवार को अधिकतम छह मौके, ओबीसी को 9 मौके मिलेंगे। अनुसूचित जातिध्जन जाति के लिए मौकों की सीमा नहीं है।


ये भी पढ़ें - सीबीएसई ने जारी की UGC Net Exam की Answer Key, अगले साल आएगा परिणाम

लोकसभा में उठी मांग

सिविल सेवा परीक्षा में सिविल सर्विसेज एप्टीट्यूट टेस्ट (सीसैट) की शुरुआत के कारण 2011-14 के बीच प्रभावित छात्रों को परीक्षा में बैठने के लिए नए मौके देने की मांग लोकसभा में उठी थी। सांसद जयनारायण यादव ने शूल्यकाल में मुद्दा उठाते हुए कहा कि 2011 में यूपीएससी ने सिविल सेवा परीक्षा में बदलाव करते हुए सीसैट प्रश्न-पत्र शुरू किया था। यह एप्टीट्यूड आधारित है तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्र इससे पिछड़ गए इसलिए ऐसे छात्रों को परीक्षा में बैठने के अतिरिक्त अवसर दिए जाने चाहिए।

Todays Beets: