Monday, October 23, 2017

Breaking News

   पटना पहुंचे मोहन भागवत, यज्ञ में भाग लेने जाएंगे आरा, नीतीश भी जाएंगे    ||   अखिलेश को आया चाचा शिवपाल का फोन, कहा- आप अध्यक्ष हैं आपको बधाई    ||   अमेरिका में सभी श्रेणियों में H-1B वीजा के लिए आवश्यक कार्रवाई बहाल    ||   रोहिंग्या पर किया वीडियो पोस्ट, म्यांमार की ब्यूटी क्वीन का ताज छिना    ||   अब गेस्ट टीचरों को लेकर CM केजरीवाल और LG में ठनी    ||   केरल में अमित शाह के बाद योगी की पदयात्रा, राजनीतिक हत्याओं पर लेफ्ट को घेरने की रणनीति    ||   जम्मू कश्मीर के नौगाम में लश्कर कमांडर अबू इस्माइल के साथ मुठभेड़,     ||   राम रहीम मामले पर गौतम का गंभीर प्रहार, कहा- धार्मिक मार्केटिंग का यह एक क्लासिक उदाहरण    ||   ट्राई ने ओवरचार्जिंग के लिए आइडिया पर लगाया 2.9 करोड़ का जुर्माना    ||   मदरसों का 15 अगस्त को ही वीडियोग्राफी क्यों? याचिका दायर, सुनवाई अगले सप्ताह    ||

सीबीएसई ने बदला परीक्षा का प्रारूप, अगले साल से 10वीं में लिखित पेपर होगा 80 नंबर का

अंग्वाल न्यूज डेस्क
सीबीएसई ने बदला परीक्षा का प्रारूप, अगले साल से 10वीं में लिखित पेपर होगा 80 नंबर का

नई दिल्ली।

सीबीएसई ने 10वीं बोर्ड परीक्षा का नया प्रारूप तैयार कर लिया है। अगले साल से सीबीएसई 10वीं को बोर्ड करने वाला है। इसी को लेकर यह प्रारूप तैयार किया गया है। नए प्रारूप के तहत अब 10वीं में स्टूडेंट्स को हर विषय में 80 नंबरों की लिखित परीक्षा देनी होगी। बाकी के 20 अंक अतिरिक्त मूल्यांकन के होंगे। 2018 से 10वीं की परीक्षाएं इसी नए प्रारूप के तहत आयोजित की जाएंगी।

ये भी पढ़ें-  जुलाई में शुरू होने वाले सेशन के लिए इग्नू में दाखिला प्रक्रिया शुरू, 173 कोर्स के लिए आॅनलाइ...

बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि संचालन मंडल ने अपने फैसले में 10वीं के लिए योजना एक और दो को खत्म कर दिया है। नई योजना के तहत परीक्षा प्रारूप भाषा एक, भाषा दो, विज्ञान, गणित और सामाजिक विज्ञान विषय के लिए तैयार किया गया है। इन विषयों में स्टूडेंट्स को 80 नंबरों की लिखित परीक्षा देनी होनी। हर विषय में उन्हें नंबरों के साथ ग्रेड भी दिए जाएंगे।


ये भी पढ़ें-   हाईकोर्ट ने सीबीएसई को दिया निर्देश, संस्थानों में नहीं होंगी वाणिज्यिक गतिविधियां

अनुशासन और क्षमता के अलग से अंक

अधिकारी के अनुसार, नये प्रारूप में 20 अंक अतिरिक्त मूल्यांकन के होंगे, जो स्टूडेंट्स को अलग-अलग गतिविधियों के लिए दिए जाएंगे। इन गतिविधियों में बोलने-सुनने की क्षमता, अनुशासन, प्रयोगशाला में गतिविधि आदि शामिल हैं। नए प्रारूप के तहत विषय को उन्नत बनाने के लिए पांच अंक निर्धारित किए गए हैं। इसके तहत स्टूडेंट्स की बोलने-सुनने की क्षमता, प्रयोगशाला में उसके कार्य, नक्शे से जुड़े कार्यों को समाहित किया गया है। इसके अलावा स्टूडेंट्स को उसके अनुशासन के आधार पर भी अलग से नंबर दिए जाएंगे। अधिकारी ने बताया कि पढ़ाई के साथ स्टूडेंट्स में कौशल विकास और अनुशासन सिखाने के लिए इस तरह का प्रारूप बनाया गया है।

 

Todays Beets: