Saturday, November 17, 2018

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हाईकोर्ट ने सीबीएसई को दिया मॉडरेशन पॉलिसी खत्म न करने का आदेश, कहा-खेल शुरू होने के बाद नियम न बदलें

अंग्वाल न्यूज डेस्क
हाईकोर्ट ने सीबीएसई को दिया मॉडरेशन पॉलिसी खत्म न करने का आदेश, कहा-खेल शुरू होने के बाद नियम न बदलें

नई दिल्ली।

सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा देने वाले लाखों छात्रों के लिए राहत की खबरहै। छात्रोंको बोर्ड परीक्षा परिणामों में अब ग्रेस माक्र्स इस साल और मिलेंगे। दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीएसई के मॉडरेशन पॉलिसी खत्म करने के फैसले पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने अपने फैसले में बोर्ड को 15 फीसदी अतिरिक्त अंक देने की नीति को इस साल भी बहाल रखने का निर्देश दिया।

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बता दें कि सीबीएसई ने मॉडरेशन पॉलिसी खत्म करने की अधिसूचना बोर्ड परीक्षा के बाद जारी की थी, जिसका न केवल छात्रों, बल्कि अभिभावकों ने भी विरोध किया था। उनका कहना था कि अगर यह पॉलिसी खत्म करनी थी, तो इसकी सूचना परीक्षा से पहले दी जानी चाहिए थी। अब इसे अगले सत्र से लागू की जाए। इसी को लेकर उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसके बाद कोर्ट ने मॉडरेशन पॉलिसी इस सत्र  में और जारी रखने का निर्देश दिया है।

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कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि अचानक से बोर्ड बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकता, जिन बच्चों ने परीक्षा दी है, उन्हें ग्रेस माक्र्स दिए जाने चाहिए। ऐसा न करने पर अगर कोई बच्चा किसी यूनिवर्सिटी में दाखिले से चूक गया, तो यह उसके लिए तबाही होगी। इसलिए सीबीएसई इस साल भी मॉडरेशन पॉलिसी जारी रखे। इसके बाद बोर्ड आज शाम तक इस बारे में फैसला करेगा। उम्मीद है कि रिजल्ट जल्द ही आ सकता है।

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क्या है मॉडरेशन पॉलिसी

अन्य  शिक्षा बोर्डों की तरह सीबीएसई भी अपने छात्रों को ग्रेस मार्क्स देता है। ये ग्रेस मार्क्स परीक्षा में पूछे गए कठिन सवालों  के लिए दिए जाते हैं। बोर्ड यदि किसी खास प्रश्नपत्र में ये समझता है कि पूछे गए सवाल कठिन हैं, तो वह 10 से 15 फीसदी तक ग्रेस मार्क्स छात्रों को देता है। इस अतिरिक्त अंक नीति को ही मॉडरेशन पॉलिसी कहते हैं।

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