Thursday, November 23, 2017

Breaking News

   मैदान पर विराट के आक्रामक रवैये पर राहुल द्रविड़ को सताई चिंता     ||   अजहर को अंतर्राष्ट्रीय आतंकी घोषित नहीं करेगा चीन, प्रस्ताव पर रोक लगाने के संकेत     ||   दुनिया की सबसे लंबी सुरंग बनाकर चीन अब ब्रह्मपुुत्र नदी का पानी रोकने का बना रहा है प्लान     ||   पीएम मोदी को शीला दीक्षित ने दिया जवाब- हमने नहीं भुलाया पटेल का योगदान    ||   पटना पहुंचे मोहन भागवत, यज्ञ में भाग लेने जाएंगे आरा, नीतीश भी जाएंगे    ||   अखिलेश को आया चाचा शिवपाल का फोन, कहा- आप अध्यक्ष हैं आपको बधाई    ||   अमेरिका में सभी श्रेणियों में H-1B वीजा के लिए आवश्यक कार्रवाई बहाल    ||   रोहिंग्या पर किया वीडियो पोस्ट, म्यांमार की ब्यूटी क्वीन का ताज छिना    ||   अब गेस्ट टीचरों को लेकर CM केजरीवाल और LG में ठनी    ||   केरल में अमित शाह के बाद योगी की पदयात्रा, राजनीतिक हत्याओं पर लेफ्ट को घेरने की रणनीति    ||

आईआईटी जेईई के एडमिशन और काउंसलिंग पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

अंग्वाल न्यूज डेस्क
आईआईटी जेईई के एडमिशन और काउंसलिंग पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

नई दिल्ली।

सुप्रीम कोर्ट ने आईआईटी की संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) के एडमिशन और काउंसलिंग पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने यह आदेश परीक्षा के दौरान सभी अभ्यर्थियों को ग्रेस अंक दिए जाने को लेकर दायर की गई याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। कोर्ट ने कहा एडमिशन की अनुमति बोनस अंक देने के मामले मे सुनवाई के बाद ही दी जा सकती है। बता दें कि पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और आईआईटी को नोटिस जारी कर इस बारे में जवाब मांगा था।

ये भी पढ़ें— BHU के UG  कोर्स में लड़कों के साथ अब लड़कियां भी ले पाएंगी दाखिला 

दरअसल, जेईई एडवांस की परीक्षा के दौरान स्टूडेंट्स को कैमिस्ट्री के एक गलत सवाल के लिए 3 ग्रेस अंक और गणित के एक गलत सवाल के लिए 4 ग्रेस अंक दिए हैं। यह अंक सभी स्टूडेंट्स को दिए गए हैं। इस मामले में तमिलनाडु के वेल्लोर इलाके के एक छात्र ने सुप्रीम कोर्ट में ग्रेस अंक को चुनौती देते हुए मांग की है कि मेरिट लिस्ट फिर से तैयार की जाए।

ये भी पढ़ें— जुलाई में नहीं होगी CBSE NET परीक्षा ,नाराज छात्रों ने यूजीसी के बाहर किया प्रदर्शन


याचिका में छात्र ने कहा कि परीक्षा में उन स्टूडेंट्स को भी ग्रेस अंक दिए गए हैं, जिन्होंने उन सवालों को हल करने कोशिश भी नहीं की। छात्र के अनुसार, इससे मेरिट लिस्ट प्रभावित हुई है। इसलिए दोबारा मेरिट लिस्ट तैयार की जाए।

ये भी पढ़ें— ट्रांसजेंडर्स पा सकेंगे उच्च शिक्षा, IGNOU ने किया एडमिशन के लिए ऐलान

कोर्ट में आईआईटी के वकील ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि करीब 2.5 लाख स्टूड़ेंट्स की उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांचना संभव नहीं है और ऐसे में बोनस अंक देना बहुत ही प्रैक्टिकल समाधान था। कोर्ट ने इस पर संकेत दिया कि वो अपने वर्ष 2005 में दिए गए फैसले को आगे बढ़ाएगा, जिसके तहत गलत सवाल पर उसे ही अंक दिया जा सकता है, जिसे सवाल को हल किया है। कोर्ट ने कहा कि ग्रेस अंक देने के मसला आईआईटी के सवालों की तरह मुश्किल और उलझन से भरा हुआ है। इस मामले में अगली सुनवाई 10 जुलाई को होगी।

 

 

Todays Beets: