Sunday, September 23, 2018

Breaking News

   ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के पूर्व जीएम के ठिकानों पर आयकर के छापे     ||   बिहार: पूर्व मंत्री मदन मोहन झा बनाए गए प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष। सांसद अखिलेश सिंह बनाए गए अभियान समिति के अध्यक्ष। कौकब कादिरी समेत चार बनाए गए कार्यकारी अध्यक्ष।     ||   कर्नाटक के मंत्री शिवकुमार के खिलाफ ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया    ||   सीतापुर में श्रद्धालुओें से भरी बस खाई में पलटी 26 घायल, 5 की हालत गंभीर     ||   मंगल ग्रह पर आशियाना बनाएगा इंसान, वैज्ञानिकों को मिली पानी की सबसे बड़ी झील     ||   भाजपा नेता का अटपटा ज्ञान, 'मृत्युशैया पर हुमायूं ने बाबर से कहा था, गायों का सम्मान करो'     ||   आज से एक हुए IDEA-वोडाफोन! अब बनेगी देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी     ||   गोवा में बड़ी संख्‍या में लोग बीफ खाते हैं, आप उन्‍हें नहीं रोक सकते: बीजेपी विधायक     ||   चीन फिर चल रहा 'चाल', डोकलाम में चुपचाप फिर शुरू कीं गतिविधियां : अमेरिकी अधिकारी     ||   नीरव मोदी, चोकसी के खिलाफ बड़ा एक्शन, 25-26 सितंबर को कोर्ट में पेश होने के आदेश     ||

यूपी में सपा-कांग्रेस गठबंधन में बनने से पहले पड़ी दरार,सपा नेता बोले-उनका सिर्फ 54 सीटों का हक

अंग्वाल संवाददाता
यूपी में सपा-कांग्रेस गठबंधन में बनने से पहले पड़ी दरार,सपा नेता बोले-उनका सिर्फ 54 सीटों का हक

लखनऊ । यूपी के चुनावी रण के लिए बनने वाला महागठबंधन लगता है बनने से पहले ही दरक गया है। सपा द्वारा इस गठबंधन से रालोद को बाहर रखने के बाद अब कांग्रेस के अस्तित्व को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। सपा के नवनियुक्त अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को 191 सीटों पर उम्मीदवारों की जो पहली लिस्ट जारी की है उसमें कई सीटें ऐसी हैं जिनपर महागठबंधन की शर्तों के अनुसार सपा को अपने उम्मीदवार नहीं उतारने थे। इस बीच सपा के के वरिष्ठ नेता किरणमाय नंदा का बयान आया है कि कांग्रेस का यूपी में सिर्फ 54 सीटों पर ही हक बनता है।

पहले रालोद से बिगड़े समीकरण, अब कहीं कांग्रेस से तो नहीं..

बता दें कि यूपी में भाजपा को रोकने के लिए महागठबंधन की रणनीति बनाई जा रही थी। इसमें सीटों के बंटवारे को लेकर जारी गतिरोध के चलते अभी तक इस गठबंधन का ऐलान नहीं किया गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मुसलमानों की नाराजगी और रालोद के साथ सीटों का समीकरण ठीक नहीं बैठने के मद्देनजर रालोद को इस गठबंधन से बाहर ही रखा गया। बात कांग्रेस की करें तो जहां कांग्रेस 100 सीटों की मांग पर अड़ी थी वहीं सपा पूर्व में 85 सीट छोड़ने की बात कहती नजर आई। 

कांग्रेस की जीती सीटों पर भी उतारे उम्मीदवार


अब सपा की जारी लिस्ट ने इस गठबंधन को लेकर संशय पैदा कर दिया है। असल में समाजवादी पार्टी ने गाजियाबाद, लोनी, नोएडा, मोदीनगर, साहिबाबाद, मुरादनगर, सिकंदराबाद जैसे विधानसभा सीट पर भी अपने उम्मीदवार उतार दिया है। गठबंधन के लिए निर्धारित शर्तों के अनुसार, सपा को ये सीटें कांग्रेस के लिए छोड़ने की बात कही जा रही थी। इन सीटों पर कांग्रेस के विधायक जीते हुए हैं। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रदीप माथुर, जो मथुरा सीट से चार बार विधायक रह चुके हैं वहां पर भी समाजवादी पार्टी ने अपने उम्मीदवार उतार दिया हैं ।

दरवाजे अभी बंद नहीं हुए 

इस पूरे प्रकरण पर सपा के वरिष्ठ नेता किरणमॉय नंदा ने कहा की समाजवादी पार्टी दबाव में गठबंधन नहीं करेगी । हालांकि कांग्रेस के लिए सभी दरवाजे बंद नहीं हुए हैं। कहा जा रहा है कि जिन सीटों पर समझौता होगा उन सीटों से पार्टी अपने उम्मीदवार का नाम वापस ले सकती हैं ।

Todays Beets: