Saturday, November 25, 2017

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बिहार में सरकार गठन के बाद नीतीश से नाराज हुए उनके करीबी कुशवाह और मांझी, अपनों को मंत्रिमंडल में जगह न मिलने से आहत

अंग्वाल न्यूज डेस्क
बिहार में सरकार गठन के बाद नीतीश से नाराज हुए उनके करीबी कुशवाह और मांझी, अपनों को मंत्रिमंडल में जगह न मिलने से आहत

नई दिल्ली । बिहार में जदयू-भाजपा की गठबंधन सरकार को बने अभी दो-चार दिन ही हुए हैं लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के बीच सुशासन बाबू नीतीश कुमार को दो सहयोगी उनसे नाराज हो गए हैं। खबर है कि आरएलएसपी प्रमुख उपेंद्र कुशवाह अपनी पार्टी के विधायक सुधांशू शेखर को मंत्रिमंडल में जगह न दिए जाने के चलते नाराज हो गए हैं। वही एक अन्य सहयोगी जीतन राम मांझी भी मंत्रिमंडल में अपने बेटे को जगह नहीं मिलने के चलते सीएम नीतीश कुमार से खासे नाराज बताए जा रहे हैं। अपनी नाराजगी के बीच मांझी एलजेपी प्रमुख राम विलास पासवान के भाई पुष्मापति कुमार पारस की मिसाल दे रहे हैं, जो न तो विधानसभा के सदस्य हैं ना ही विधानपरिषद के, लेकिन उन्हें मंत्रिमंडल में जगह दी गई है। 

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मीडिया में आ रहे खबरों के अनुसार, आरएलएसपी प्रमुख उपेंद्र कुशवाह अपनी चाहते थे कि उनकी पार्टी के दो विधायकों को मंत्री बनाया जाए। हालांकि भाजपा ने कहा कि  एलजेपी और आरएलएसपी दोनों का सिर्फ एक ही विधायक मंत्री बन सकता है। इससे अब कुशवाह नाजार है। वहीं बेटे को मंत्रीपद न दिए जाने से नाराज जीतन राम मांझी दिल्ली आ गए हैं। वह यहां भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से बातचीत करने की मंशा से आए हैं।  हालांकि बिहार के पूर्व सीएम रहे मांझी के बेटे संतोष सुमन के नाम पर भाजपा ने साफ मना कर दिया। भाजपा ने ऐसा इसलिए किया है क्योंकि ऐसा किए जाने पर सुमन को एमएलएसी बनाना पड़ता। 

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खबरें आईं कि कुशवाहा ने सुधांशु शेखर का नाम आगे किया था लेकिन नीतीश आरएलएसपी के एमएलसी संजीव श्याम सिंह को मंत्री बनाने में दिलचस्पी दिखा रहे थे.  हालांकि कुशवाहा ने अभी तक अपनी नाराजगी खुलकर नहीं जाहिर की है लेकिन माना जा रहा है कि वो नीतीश के एनडीए में आने को लेकर सहज नहीं हैं। 

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बहरहाल, नीतीश कुमार और सुशील मोदी इस पूरे गतिरोध को खत्म करने के लिए बातचीत कर रहे हैं। ऐसी भी खबरें हैं कि मांझी की नाराजगी को दूर करने के लिए उन्हें किसी राज्य का राज्यपाल बना दिया जाए। हालांकि इसकी अभी कोई चर्चा पार्टी के भीतर उच्च स्तर पर नहीं हुई है।

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