Thursday, September 21, 2017

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राज्यसभा चुनावों में अमित शाह के बनाए चक्रव्यू से अहमद पटेल को 'जिंदा' निकाल ले गया यह शख्स 

अंग्वाल न्यूज डेस्क
राज्यसभा चुनावों में अमित शाह के बनाए चक्रव्यू से अहमद पटेल को

नई दिल्ली । गुजरात में राज्यसभा की 3 सीटों पर हुए चुनावों में पिछले दिनों जहां भाजपा को 2 सीटों पर जीत मिली, वहीं इन चुनावों में भाजपा के लिए नाक का सवाल बनी एक सीट भाजपा हार गई। भाजपा के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव रहे अहमद पटेल को हराने के लिए जो चक्रव्यू रचा था, उसमें से पटेल 'जिंदा' निकल आए, तो मात्र एक शख्स की वजह से। यह शख्स कोई और नहीं बल्कि इन चुनावों में कांग्रेस की ओर से पोलिंग एजेंट शक्ति सिंह गोहिल थे। चुनावों में प्रत्येक भाजपाई और कांग्रेसी मतदाता पर नजर रखने वाले गोहिल ने अपने बनते बिगड़े समीकरणों को तेजी से परखा और फिर वो रणनीति बना डाली, जिसके बाद वह अहमद पटेल को शाह के चक्रव्यू से जीत के साथ बाहर निकाल लाए। 

हर मतदाता पर रखी थी नजर

असल में इस अहम सीट पर भाजपा की हार का मुख्य कारण इन चुनावों में कांग्रेस की ओर से नियुक्त पोलिंग एजेंट शक्ति सिंह गोहिल थे। असल में मतदान के दौरान गोहिल ने सभी भाजपाई और कांग्रेसी मतदाताओं पर पैनी नजर रखी। मतदान के दौरान ही गोहिल को इस बात का आभास हो गया था कि उन्हें मात्र 44 ही वोट पड़े हैं। ऐसे में जीत का जादुई आंकड़ा अभी उनसे दूर था। ऐसे में गोहिल ने अर्जुन मोडवाडिया के साथ मिलकर अहमद पटेल से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने तय किया कि पार्टी छोड़कर जाने वाले शंकर सिंह वाघेला खेमे के जिन दो वोटरों ने भाजपा को अपना मत दिया उनके द्वारा अपना मत भाजपा प्रतिनिधि को दिखाए जाने को मुद्दा बनाया जाए और इन दोनों मतों को रद्द करवाया जाए। 

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गोहिल का समीकरण काम कर गया

सूत्रों के अनुसार, गोहिल ने बताया कि अगर भाजपा को मिले उन दोनों मतों को खारिज कर दिया जाए तो जीत के लिए 45 की जगह 43.5 मतों की जरूरत होगी और ऐसी सूरत में उन्हें मिले 44 मतों के आधार पर अहमद पटेल जीत सकते हैं। इसके बाद कांग्रेस ने इन दोनों मतों को रद्द कराने की मुहिम छेड़ दी। कांग्रेस के प्रतिनिधि इस बात पर अड़ गए कि जब तक दोनों मतों को रद्द नहीं किया जाता, तब तक वोटों की गितनी नहीं की जाएगी। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस और भाजपा के प्रतिनिधि चुनाव आयोग के पास भी पहुंच गए। देर रात तक हंगामा चला। अंत में दोनों मतों को रद्द किया गया और अहमद पटेल, गोहिल की रणनीति के चलते .5 मतों से जीत गए। 


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विधायकों को एकजुट रखने की जिम्मेदारी भी निभाई

गोहिल ने सिर्फ जीत के लिए अंतिम चरण में बाजी कांग्रेस की झोली में ही नहीं डाली बल्कि गुजरात कांग्रेस में पड़ती दरारों को समय रहते भरने का काम भी किया। भाजपा द्वारा उनके विधायकों को तोड़ने जाने के आरोपों के बीच गोहिल को ही 44 विधायकों को एकजुट रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। 

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जानिए कौन हैं शक्ति सिंह गोहिल

गुजरात विधानसभा में नेता विपक्ष की भूमिका निभा चुके 57 वर्षीय शक्ति सिंह गोहिल इस समय पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता है। उन्होंने  पत्रकारिता की पढ़ाई करने के साथ ही वकालत भी की हुई है। गोहिल गुजरात के एक प्रतिष्ठि राजघराने से हैं और राज्य में राजनीति उन्हें विरासत में मिली। 

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