Wednesday, November 14, 2018

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यूपी में महागठबंधन का पेंच फंसा, मुस्लिम वोटों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सीटों को लेकर चिंतन-मनन

अंग्वाल संवाददाता
यूपी में महागठबंधन का पेंच फंसा, मुस्लिम वोटों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सीटों को लेकर चिंतन-मनन

लखनऊ । उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों से पहले सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी एक महागठंबन की तैयारी में जुटी हुई है। हालांकि अखिलेश के इस महत्वकांक्षी महागठबंधन को लेकर कई पेंच हैं जो अभी तक सुलझे नहीं हैं। इसमें रालोद को लेकर जहां अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मुस्लिम वोटरों, उम्मीदवारों और इन सबका रालोद के साथ सामजस्य बैठाने की रणनीति को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। इस सब के चलते अखिलेश जिस महागठबंधन का ऐलान आज करने जा रहे थे वो अभी संभव नहीं होता दिख रहा है।

कांग्रेस मांग रही है 100 सीटें

यूं तो इस महागठबंधन में सपा और कांग्रेस की दो ऐसे बड़े दल है जिनके लिए ये गठबंधन कुछ बेहतर नतीजे ला सकता है। बता दें कि कांग्रेस अंतरविरोध के बावजूद यूपी के चुनावी समर के लिए बन रहे इस महागठबंधन में अपने लिए 100 सीटों की मांग कर रहा है वहीं सपा सिर्फ 85-88 सीटों पर ही अड़ा हुआ है। कांग्रेस का गढ़ कहे जाने वाली अमेठी-रायबरेली सीटों समेत 8 अहम सीटों को भी अखिलेश छोड़ने के लिए तैयार हैं।  दोनों ओर से गठबंधन को लेकर जोश तो दिखाया जा रहा है लेकिन अभी तक इस गठबंधन को लेकर कोई पुष्ट बयान नहीं आया है। 

रालोद से सीधे बात नहीं की सपा ने 


इस दौरान खास बात ये है कि समाजवादी पार्टी ने अभी तक गठबंधन को लेकर रालोद के साथ कोई सीधी बात नहीं की है। कांग्रेस चाहती है कि इस महागठबंधन में रालोद भी उनके साथ हो। इसलिए रालोद से बातचीत का दोरोमदार सपा ने कांग्रेस को ही दिया है। इस दौरान सपा रालोद को 21 सीटें देने को भी तैयार हो गई है।  

कांग्रेस तय करेगी कहां रालोद को सीट दें

इस दौरान सपा की रणनीति है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस ही तय करे कि इस महागठबंधन के तहत रालोद को कौन सी सीटें दी जाएं। असल में इन इलाकों में बसपा ने अपने कई मुस्लिम उम्मीदवार उतारे हैं। सपा अपने प्रत्याक्षी को ऐसी सीटों पर उतार कर अन्य जगहों पर मुसलमानों को गुस्सा नहीं करना चाहती। इतना ही नहीं इलाके में वह किसी भी दांव को खेलने से कतरा रहे हैं इसलिए इस काम की जिम्मेदारी सपा कांग्रेस को सौंपकर अपनी नईया पार करने की जुगत में लगी है।

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