Tuesday, October 23, 2018

Breaking News

   सेना हर चुनौती से न‍िपटने के ल‍िए तैयार, सर्जिकल स्ट्राइक भी व‍िकल्‍प: रणबीर सिंह    ||   BJP विधायक मानवेंद्र ने बदला पाला, राज्यवर्धन बोले- कांग्रेस ने 70 साल में मंत्री नहीं बनाया    ||   सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर छिड़ी जंग, हिरासत में 30 प्रदर्शनकारी    ||   विवेक तिवारी हत्याकांडः HC की लखनऊ बेंच ने CBI जांच की मांग ठुकराई    ||   केरलः अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद ने सबरीमाला फैसले के खिलाफ HC में लगाई याचिका    ||   कोलकाताः HC ने दुर्गा पूजा आयोजकों को ममता के 28 करोड़ देने के फैसले पर रोक लगाई    ||    रूस के साथ S-400 एयर डिफेंस मिसाइल पर भारत की डील    ||   नार्वेः राजधानी ओस्लो में आज होगा शांति के नोबेल पुरस्कार का ऐलान    ||   अंकित सक्सेना मर्डर केसः ट्रायल के लिए अभियोगपक्ष के 2 वकीलों की नियुक्ति    ||   जम्मू कश्मीर में नेशनल कॉफ्रेंस के दो कार्यकर्ताओं की गोली मारकर हत्या, मरने वालों में एक MLA का पीए भी     ||

विधानसभा चुनाव 2012 की नजर में -रुद्रप्रयाग सीट निर्दलीय और क्षेत्रिय दल कहीं फिर से न बिगाड़ दे सियासी समीकरण

अंग्वाल न्यूज डेस्क
विधानसभा चुनाव 2012 की नजर में -रुद्रप्रयाग सीट
निर्दलीय और क्षेत्रिय दल कहीं फिर से न बिगाड़ दे सियासी समीकरण

देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में चुनावों के लिए रणभेरी बज चुकी है। सियासी समर में राजनेता अपनी रणनीति के साथ मैदान में उतर चुके हैं। नामांकन के साथ ही नेता चुनाव प्रचार में जुट गए हैं। हालांकि किसी को नहीं पता कि मतदाताओं का रुझान इस बार किसे अर्श से फर्श पर, तो किसे फर्श से अर्श पर बैठा दे। पिछले विधानसभा चुनावों (2012) में मतदाताओं के रुझान पर नजर डालें तो अलग-अलग सीटों पर लोगों का अलग-अलग नजरिया दिखा। चलिए पिछले विधानसभा चुनावों पर नजर डालें और जानें कि रूद्रप्रयाग सीट पर क्या थे सियासी आंकड़े...

महज 1326 वोटों से जीते थे हरक सिंह

उत्तराखण्ड की रुद्रप्रयाग सीट पर नजर डालें तो पिछले विधानसभा चुनावों में यहां 11 उम्मीदवारों पर 84,041 मतदाता थे। इनमें से कुल 51849 (61.69%) लोगों ने मतदान किया। इस सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार हरक सिंह रावत 15469 (29.83%) मतों के साथ विजयी हुए। उन्होंने भाजपा के मातबर सिंह कण्डारी को महज 1326 (2.55%) वोटों के अंतर से हराया। भाजपा उम्मीदवार कण्डारी को 14143 (27.27%) वोट मिले थे। 

क्षेत्रिय पार्टियों और निर्दलीयों ने बिगाड़ा गणित 


पिछली बार इस सीट पर क्षेत्रिय पार्टियों के साथ निर्दलीय उम्मीदवारों ने राष्ट्रीय पार्टियों के वोट बैंक में जमकर सेंध मारी। खास बात रह यही कि तीसरे नंबर पर निर्दलीय उम्मीदवार भरत सिंह चौधरी रहे, जिन्होंने 7988 वोट पाए। इसके बाद चौथे नंबर पर उत्तराखंड रक्षा मोर्चा के उम्मीदवार अर्जुन सिंह ने 6331 वोट पाए। इसी कड़ी में निर्दलीय उम्मीदवार विरेंद्र सिंह ने 3354 वोट पाए। जाहिर है इन उम्मीदारों ने राष्ट्रीय पार्टियों पर तरजीह पाकर मतदाताओं को रिझाने में कामयाबी पाई थी। अगर इन  निर्दलीय उम्मीदवारों पर ही नजर डालें तो इस सीट पर चुनाव लड़ने वाले चार उम्मीदवारों ने कुल 12536 वोट पाए। 

बहरहाल, इस बार के विधानसभा चुनावों में अभी नामांकन की प्रक्रिया जारी है। भाजपा से रूठे कई नेताओं ने कांग्रेस की राह पकड़ी है तो कांग्रेस का एक बड़ा तबका भाजपा में शामिल हो गया है। इस सब के बीच इस बार के विधानसभा चुनावों में कई नई क्षेत्रिय पार्टियों ने जन्म लिया है। ये पार्टियां राज्य के अलग-्लग हिस्सों में कुछ आंदोलन करने में सफल भी रही हैं। इन दलों को उनके आंदोलन में जनता का भरपूर सहयोग भी मिला। ऐसे में अब देखना होगा कि इस बार इस सीट पर निर्दलीय और क्षेत्रिय दल क्या गुल खिलाते हैं।

 

Todays Beets: