Tuesday, June 19, 2018

Breaking News

   उत्तर भारत में धूल: चंडीगढ़ में सुबह 11 बजे अंधेरा छाया, 26 उड़ानें रद्द; दिल्ली में भी धूल कायम     ||   टेस्ट में भारत की सबसे बड़ी जीत: अफगानिस्तान को एक दिन में 2 बार ऑलआउट किया, डेब्यू टेस्ट 2 दिन में खत्म     ||   पेशावर स्कूल हमले का मास्टरमाइंड और मलाला पर गोली चलवाने वाला आतंकी फजलुल्लाह मारा गया: रिपोर्ट     ||   कानपुर जहरीली शराब मामले में 5अधिकारी निलंबित     ||   अब जल्द ही बिना नेटवर्क भी कर सकेंगे कॉल, बस Wi-Fi की होगी जरुरत     ||   मौलाना मदनी ने भी की एएमयू से जिन्‍ना की तस्‍वीर हटाने की वकालत     ||   भारत-चीन सेना के बीच हॉटलाइन की तैयारी, LoC पर तनाव होगा दूर     ||   कसौली में धारा 144 लागू, आरोपित पुलिस की गिरफ्त से बाहर     ||   स्कूली बच्चों पर पत्थरबाजी से भड़के उमर अब्दुल्ला, कहा- ये गुंडों जैसी हरकत     ||   थर्ड फ्रंट: ममता, कनिमोझी....और अब केसीआर की एसपी चीफ अखिलेश यादव के साथ बैठक     ||

क्या आप जानते हैं नाक और कान को छिदवाने के सेहत से जुड़े यह लाभ ?

अंग्वाल संवाददाता
क्या आप जानते हैं नाक और कान को छिदवाने के सेहत से जुड़े यह लाभ ?

नई दिल्ली। महिलाओं का नाक व कान छिदवाना अब एक सिर्फ महज संस्कृति का हिस्सा नहीं रह गया है । अब यह एक फैशन बन चुका है। लोगों ने इसे अपने फैशन में शामिल कर इसे भारतीय समाज में एक नया ही रूप दे दिया है। बता दें कि नाक व कान के साथ लोग फैशन के चलते अक्सर नए प्रयोग करते ही रहते हैं, लेकिन आज नाक व कान छिदवाने से संबंधित हम आप को कुछ ऐसी बाते बताएंगे जो शायद ही कोई जानता हो। यह बहुत ही कम लोग जानते हैं कि यह हमारी संस्कृति होने के साथ-साथ यह मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक होता हैं। आइए जानते हैं उनके लाभों के बारे में...,

 

 

आंखों की रोशनी में बढ़ोतरी

कानों के जिस हिस्से में छेद किए जाते हैं वह आंखों की नसों से जुड़ा हुआ होता है। इसके कारण एक्यूपंक्चर की दृष्टि से इस बिंदु के दबते ही आंखों की रोशनी में सुधार होने लगता है।

 

 

एकाग्रता में वृद्धि

पहले जमाने में बच्चों को गुरुकुल भेजने से पहले से बेहतर ज्ञान अर्जित करवाने के लिए उसके कान छेदने की प्रथा थी। ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि कान छिदवाने से मस्तिष्क की पावर बढ़ती जिसे एकाग्रता में वृद्धि होने में सहायक होती है।

 


 

डिप्रेशन से छुटकारा

एक्यूपंक्चर के मुताबिक, जब कान व नाक छिदवाएं जाते हैं तो केंद्र बिंदु पर दबाव पड़ने से ओसीडी(किसी भी बात की जरुरत से ज्यादा चिंता करना), घबराहट और मानसिक बीमारी को दूर करने में मदद मिलती है।

 

मोटापे से मिलता है छुटकारा

कान के जिस जगह पर छेद किए जाते हैं। वहां भूख लगने वाला बिंदु होता है। इस बिंदु पर अगर छेद किया जाए तो पाचन क्रिया को ठीक बनाए रखता है। इससे मोटापा बढ़ने के मौके कम होते हैं।

 

मस्तिष्क का विकास

पुरानी मान्यतों के अनुसार कान के निचले हिस्से में एक ऐसा बिंदु होता है। जो मस्तिष्क के बाएं और दाएं गोलार्द्ध से जुड़ा होता है। तो कहा जाता है बच्चे के विकास के समय ही उसके कान छिदवा देने चाहिए।

Todays Beets: