Saturday, September 23, 2017

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कैंसर पीड़ितों को नहीं सहना पड़ेगा इलाज के दौरान जानलेवा दर्द, जेएनयू के वैज्ञानिक डॉक्टर ने खोज निकाली यह दवा 

अंग्वाल संवाददाता
कैंसर पीड़ितों को नहीं सहना पड़ेगा इलाज के दौरान जानलेवा दर्द, जेएनयू के वैज्ञानिक डॉक्टर ने खोज निकाली यह दवा 

नई दिल्ली। जेएनयू के एक वैज्ञानिक प्रोफेसर ने कैंसर के इलाज के दौरान होने वाली जानलेवा दर्द को दूर करने की दवा खोज निकाली है। इससे उन्होंने कैंसर पीडितों में भी इलाज के लिए भी कुछ सकारात्मक आस जगाई है। वैज्ञानिक डॉक्टर आर पी सिंह ने बताया है कि इस दवा को कुछ पौधों से तैयार किया गया है, जो रेडियो व कीमोथैरेपी के जानलेवा दुष्प्रभावों को खत्म कर देती है। आर पी सिंह का कहना है कि इस दवा से कैंसर के इलाज में कीमोथैरेपी के दौरान पीड़ितों में खून की कमी, बाल झड़ने व वजन घटने जैसी समस्याएं दूर की जा सकेंगी।

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 इंसान की प्रकृति के दायरे में आने वाले जानवर जैसे चूहे पर इस दवा का परीक्षण किया गया है। जो काफी हद तक सफल भी रहा। इसी के साथ एम्स सहित दिल्ली के कई बड़े अस्पतालों में इस दवा के परीक्षण की तैयारी चल रही है। परीक्षण की सफलता के बाद इस दवा को बाजार में पीड़ितों के इलाज के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इसे भारत के चिकित्सा क्षेत्र में बहुत बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। 


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आपको बता दें कि कीमोथैरिपी  से स्वस्थ्य और सक्रिय कोशिकाओं पर घातक असर पड़ता है। इससे वह मरने लगती हैं। ऐसे में पीड़ित का वजन तेजी से घटने लगता है। इसके साथ खून की कमी और खाने में दिक्कत आने लगती है। कीमोथैरेपी के दौरान मरीज को एक जानलेवा दर्द सहना पड़ता है। वहीं वैज्ञानिक डॉक्टर आरपी सिंह ने इस दवा को केवल पौधे की सहायता से तैयार किया है। इस दवा में मल्कि थील्स व आरटी चोक नाम के पौधों में पाए जाने वाले सेलिबीनिन नाम के यौगिक का इस्तेमाल किया गया है। आर पी सिंह ने बताया कि कीमोथैरेपी के दौरान सेलिबीनिन के प्रयोग से सिर्फ कैंसर की कोशिकाएं ही नहीं मरती बल्कि इससे अन्य कोशिकाओं को भी भारी मात्रा में नुकसान पहुंचता हैं।

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