Monday, September 24, 2018

Breaking News

   ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के पूर्व जीएम के ठिकानों पर आयकर के छापे     ||   बिहार: पूर्व मंत्री मदन मोहन झा बनाए गए प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष। सांसद अखिलेश सिंह बनाए गए अभियान समिति के अध्यक्ष। कौकब कादिरी समेत चार बनाए गए कार्यकारी अध्यक्ष।     ||   कर्नाटक के मंत्री शिवकुमार के खिलाफ ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया    ||   सीतापुर में श्रद्धालुओें से भरी बस खाई में पलटी 26 घायल, 5 की हालत गंभीर     ||   मंगल ग्रह पर आशियाना बनाएगा इंसान, वैज्ञानिकों को मिली पानी की सबसे बड़ी झील     ||   भाजपा नेता का अटपटा ज्ञान, 'मृत्युशैया पर हुमायूं ने बाबर से कहा था, गायों का सम्मान करो'     ||   आज से एक हुए IDEA-वोडाफोन! अब बनेगी देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी     ||   गोवा में बड़ी संख्‍या में लोग बीफ खाते हैं, आप उन्‍हें नहीं रोक सकते: बीजेपी विधायक     ||   चीन फिर चल रहा 'चाल', डोकलाम में चुपचाप फिर शुरू कीं गतिविधियां : अमेरिकी अधिकारी     ||   नीरव मोदी, चोकसी के खिलाफ बड़ा एक्शन, 25-26 सितंबर को कोर्ट में पेश होने के आदेश     ||

2 से अधिक बच्चे मां की सेहत के लिए खतरा

अंग्वाल न्यूज डेस्क
2 से अधिक बच्चे मां की सेहत के लिए खतरा

नई दिल्ली। मां बनना औरतों के लिए एक बेहद सुखद एहसास है मां बनकर ही एक औरत खुद को पूरा महसूस करती है पर कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के अध्ययन के मुताबिक एक चौंका देने वाला सच सामने आया है। इस अध्ययन के मुताबिक दो से अधिक बच्चे होना मां की सेहत पर बहुत बुरा असर डालता है।

बच्चे जितने ज्यादा खतरा उतना बड़ा

वैज्ञानिकों के अनुसार एक महिला के जितने अधिक बच्चे होंगे उसे हार्ट अटैक, स्ट्रोक और हार्ट फेल होने का खतरा भी उतना अधिक होगा। अध्ययन के अनुसार उन मांओं को हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा होता है जिनके पांच से अधिक बच्चे होते हैं।

सेहत पर ध्यान न देने से बढ़ता है हार्ट अटैक का खतरा

शोधकर्ताओं का कहना है कि गर्भावस्था और लेबर से स्त्री के दिल पर दबाव पड़ता है। बच्चों की वजह से यह तनाव और भी बढ़ जाता है। शोध में कहा गया है कि बच्चों के पालन-पोषण में उलझी मांओं के पास अपनी सेहत पर ध्यान देने के लिए समय ही नहीं होता है।


गर्भावस्था व प्रसव से दिल पर पड़ता है असर

कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में 45 से 64 वर्ष की 8 हजार महिलाओं पर किए गए शोध में इस बात का पता चला है कि गर्भावस्था और प्रसव से औरतों के हृदय पर काफी दबाव पड़ता है । साथ ही बच्चों की परवरिश महिलाओं को और थका देती है।

गर्भपात से गुजर चुकी महिलाओं के लिए अधिक खतरा

शोध के अनुसार जिन महिलाओं का पूर्व में गर्भपात हो चुका है, उनमें हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा 60 फीसदी तक बढ़ जाता है। इन महिलाओं में हार्ट फेल होने की आशंका भी 45 फीसदी तक बढ़ जाती है। 

 

Todays Beets: