Sunday, February 24, 2019

Breaking News

   पाकिस्तान को FATF से मिली राहत, ग्रे लिस्ट में रहेगा बरकरार     ||   आय से अधिक संपत्ति केसः हिमाचल के पूर्व CM वीरभद्र सिंह के खिलाफ आरोप तय     ||   भीमा-कोरेगांव केसः बॉम्बे HC ने आनंद तेलतुंबड़े की याचिका पर सुनवाई 27 तक टाली     ||   हिमाचल प्रदेश: किन्नौर जिले में आया भूकंप, तीव्रता 3.5     ||   PAK सेना के ISPR के डीजी ने कहा- हम युद्ध की तैयारी नहीं कर रहे, भारत धमकी दे रहा है     ||   ICC को खत लिखेगी BCCI- आतंक समर्थक देश के साथ खत्म हो क्रिकेट संबंध     ||   महाराष्ट्रः ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा चलाई गई शकुंतला नैरो गेज ट्रेन में लगी आग     ||   केरलः दक्षिण पश्चिम तट से अवैध तरीके से भारत में घुसते 3 लोग गिरफ्तार     ||   ताबड़तोड़ एनकाउंटर पर योगी सरकार को SC का नोटिस, CJI बोले- विस्तृत सुनवाई की जरूरत     ||   तेहरान में बोइंग 707 किर्गिज कार्गो प्लेन क्रैश, 10 क्रू मेंबर की मौत     ||

शादीशुदा लोग डिप्रेशन का कम होते हैं शिकार, शोध में हुआ खुलासा

अंग्वाल न्यूज डेस्क
शादीशुदा लोग डिप्रेशन का कम होते हैं शिकार, शोध में हुआ खुलासा

नई दिल्ली।  यह कहावत तो हम सभी ने सुनी होगी कि ‘शादी का लडडू जो खाए वह भी पछताए और जो न खाए वह भी पछताए’। क्या आपको पता है कि शादी कर गृहस्थ जीवन बिताने वाले लोग अवसाद या डिप्रेशन के शिकार कम होते हैं। अमेरिका में हुए एक शोध में इस बात का पता चला है कि ऐसे लोग जो सालाना 60 हजार अमेरिकी डाॅलर कमाते हैं और पत्नी के साथ रहते हैं वे इससे ज्यादा कमाकर अकेले रहने वाले लोगों की तुलना में ज्यादा सुखी हैं। 

गौरतलब है कि ऐसा अक्सर देखा जाता है कि शादी के बाद लोगों की जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं जिससे लोगों के व्यवहार में काफी बदलाव आ जाता है और वे अवसाद या डिप्रेशन के शिकार कम होते हैं। अमेरिका में 22 से लेकर 80 साल के करीब 3 हजार लोगों पर किए गए शोध में इस बात का खुलासा हुआ है।  इस सर्वेक्षण में सामाजिक , मनोवैज्ञानिक , मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य विषय शामिल हैं।  शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि विदेशों की तुलना में भारत में रहने वाले ऐसे लोग ज्यादा सुखी जीवन व्यतीत करते हैं। 


ये भी पढ़ें - दिन में कई बार चाय पीने वाले हो जाएं सावधान, दांत और हड्डियां हो सकते हैं कमजोर

हालांकि अमेरिका में जॉर्जिया स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के मुताबिक अधिक कमाई वाले जोड़ों के लिए शादी से उसी तरह के मानसिक स्वास्थ्य लाभ नहीं दिखते है। जर्नल सोशल साइंस रिसर्च में प्रकाशित एक अध्ययन में यह बात कही गयी है।

Todays Beets: