Monday, November 20, 2017

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अब सिर्फ 10 सेंकेड में पता लगेगा कैंसर है या नहीं, शोधकर्ताओं ने बनाई नई डिवाइस 

अंग्वाल संवाददाता
अब सिर्फ 10 सेंकेड में पता लगेगा कैंसर है या नहीं, शोधकर्ताओं ने बनाई नई डिवाइस 

नई दिल्ली। अमूमन कैंसर जैसी बीमारी का पता बिना टेस्ट के लगाना बहुत ही कठिन होता है, लेकिन अब इस गंभीर बीमारी का पता लगाने के लिए टेस्ट करवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब एक डिवाइस के माध्यम से पता लगाया जाएगा कि मरीज को कैंसर है या नहीं। ये नई डिवाइस सिर्फ 10 सेंकेड में कैंसर का पता लगा सकेगी। अमेरिका की टेक्सास यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता ऑस्टिन ने एक ऐसी पॉवरफुल डिवाइस का पता लगाया है जो कैंसर के टिशू का तेजी से और सटीक रुप से पहचान करने की झमता रखती है। यह मौजूदा तकनीक से 150 गुना तेजी से काम करता है और रिजल्ट केवल 10 सेकेंड के अंदर देता है। इस डिवाइस को मासस्पेतक पेन नाम दिया गया है। 

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इस शोध के शोधकर्ता लिविया एबरलिन का कहना है कि जब भी आप कैंसर पीड़ित की सर्जरी के बाद बात करते हैं तो वे उम्मीद करते हैं कि डॉक्टर्स कैंसर को पूरी तरह से बाहर निकाल चुकें हो। डॉ. लिविया कहते हैं कि टेक्नोलॉजी ने बहुत इंप्रूव किया है। डॉक्टर्स कैंसर को पूरी तरह से नष्ट करने का प्रयास करते हैं। ऐसे में इस तरह की डिवाइस कैंसर के बारे में पता लगाने में बहुत मददगार साबित हो सकती है। 


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शोध से सामने आया है कि 253 कैंसर के मरीजों के किए गए टिश्यू टेस्ट में मासस्पेक पेन ने लगभग 10 सेकेंड में बिमारी को डिटेक्ट कर लिया । यह 96 फीसदी तक सही था। टीम की उम्मीद है कि 2018 में ओंकोलोजिक सर्जरी के दौरान इस नई तकनीक का परीक्षण करना शुरू किया जाएगा। डॉक्टर्स इस डिस्पोजेबल हैंडहेल्ड को बहुत आसानी से प्रयोग कर सकते हैं। इसके लिए बस मरीज के टिश्यू को पेन से पकड़ना होता है फिर फूट पेडल का उपयोग करके यह विश्लेषण करता है। इसके सटीक रिजल्ट के लिए कुछ सेकेंड इंतजार करना पड़ता है।  इसके बाद पेन टिश्यू पर पानी की बूंद जारी होती है, जिसके बाद इसके छोटे अणु पानी में विस्थापित होते हैं। फिर डिवाइस वाटर सैंपल को मास स्पेक्ट्रोमीटर नामक डिवाइस में चलाती है और इसके बाद यह मॉलीकुलर फिंगरप्रिंट के रुप में हजारों मॉलीकुलर्स का पता लगाता है।  

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