Tuesday, December 11, 2018

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विवादों में घिरी ‘केदारनाथ’ को नैनीताल कोर्ट ने दी बड़ी राहत, रिलीज पर रोक लगाने से किया इंकार

अंग्वाल न्यूज डेस्क
विवादों में घिरी ‘केदारनाथ’ को नैनीताल कोर्ट ने दी बड़ी राहत, रिलीज पर रोक लगाने से किया इंकार

देहरादून। लव-जेहाद के साथ ही उत्तराखंड की परंपराओं को ताक पर रखकर बनी फिल्म का आरोप लगने के बाद सुशांत सिंह राजपूत और सारा अली खान के अभिनय वाली फिल्म ‘केदारनाथ’ को नैनीताल हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने इस फिल्म के रिलीज पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने इसके खिलाफ दायर की गई याचिका को भी खारिज कर दिया है। बता दें कि फिल्म के रिलीज को लेकर सीएम उसे देखने के बाद ही कोई निर्णय लेंगे। 

गौरतलब है कि फिल्म के रिलीज से पहले इसके ट्रेलर पर भी काफी हंगामा हुआ था। फिल्म के ट्रेलर को देखने के बाद इस पर लव-जेहाद का आरोप लगा था। फिलहाल कोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने वाली याचिका खारिज कर दी और याचिकाकर्ता को फिल्म के खिलाफ डीएम रुद्रप्रयाग को प्रत्यावेदन देने को कहा है।

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यहां बता दें कि फिल्म ‘केदारनाथ’ पर उत्तराखंड की संस्कृति और परंपराओं को ताक पर रख कर फिल्म बनाने का आरोप लगाया गया है। इसके साथ केदारनाथ-बद्रीनाथ मंदिर समिति ने भी कहा है कि फिल्म के लिए उनसे भी किसी तरह की अनुमति नहीं ली गई। याचिका में आरोप लगाया गया था कि भगवान केदारनाथ का अपमान करते हुए विदेशी रुपयों के दम पर फिल्म का निर्माण किया गया है।

 

 

 

 

 

 

 

 


 

 

 

उत्तराखण्ड की संस्कृति और परंपराओं को ताक पर रखकर बनी फिल्म केदारनाथ की रिलीज पर उठे विवाद के बीच उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी। 

वहीं इस पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि फिल्म देखने के बाद ही मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा गठित समिति कोई फैसला लेगी।

 

फिल्म में दिखाया गया है कि केदारनाथ में सैकड़ों वर्षों से मुस्लिम समाज के लोग रहते हैं जबकि वहां एक भी मुस्लिम या इस्लामिक परिवार नहीं रहता है। फिल्म निर्माता ने केदारनाथ की आपदा को लव जिहाद से जोड़कर आस्था और विश्वास पर कुठाराघात किया है। सेंसर बोर्ड को भी ज्ञापन भेज आपत्ति दर्ज कराईफिल्म में लड़का मुस्लिम और लड़की हिन्दू है और इनकी शादी को लेकर लड़की वाला परिवार कहता है कि अगर प्रलय भी आ जाएगा तो शादी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि फिल्म के प्रोमोध्ट्रेलर में दिखाया गया है कि हीरो कहता है कि हमारे पूर्वज सदियों से केदारनाथ में रहते आ रहे हैं जबकी ऐसा नहीं हैं।

याची द्वारा सेंसर बोर्ड को भी ज्ञापन भेज आपत्ति दर्ज करा दी गई है। याची का कहना है कि केदारनाथ देश के लिए मोक्ष धाम के रूप में प्रचलित है और जगत गुरु शंकराचार्य ने भी चार धाम की स्थापना के बाद यही शरीर त्यागा था।

केदारनाथ और बद्रीनाथ मन्दिर समिति ने भी याचिका में साथ देते हुए कहा था कि फिल्म निर्माण में उनसे कोई अनुमति नहीं ली गई है।पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में एक समिति गठितकेदारनाथ त्रासदी वर्ष 2013 को केंद्र में रखकर एक प्रेमकथा पर बनी फिल्म ‘केदारनाथ’ के उत्तराखंड में रिलीज होने पर पेंच फंस गया है।

प्रदेश में फिल्म के कई दृश्यों पर आपत्ति और विरोध की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में एक समिति गठित की है।

समिति में डीजीपी अनिल रतूड़ी, सचिव गृह नितेश झा और सचिव सूचना दिलीप जावलकर शामिल हैं। यह समिति फिल्म के सात दिसंबर को रिलीज होने से पहले अपनी रिपोर्ट सरकार को देगी।

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