Monday, December 17, 2018

Breaking News

   कुशल भ्रष्टाचार और अक्षम प्रशासन का मॉडल है कांग्रेस-कम्युन‍िस्ट सरकार-PM मोदी     ||   CBI: राकेश अस्थाना केस में द‍िल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई 20 द‍िसंबर तक टली     ||   बैडम‍िंटन खि‍लाड़ी साइना नेहवाल ने पी कश्यप से की शादी     ||   गुलाम नबी आजाद ने जीवन भर कांग्रेस की गुलामी की है: ओवैसी     ||   बाबा रामदेव रांची में खोलेंगे आचार्यकुलम, क्लास 1 से क्लास 4 तक मिलेगी शिक्षा     ||   मैंने महिलाओं व अन्य वर्गों के लिए काम किया, मेरा काम बोलेगा: वसुंधरा राजे     ||   बजरंगबली पर दिए गए बयान को लेकर हिन्दू महासभा ने योगी को कानूनी नोटिस भेजा     ||   पीएम मोदी 3 द‍िसंबर को हैदराबाद में लेंगे पब्ल‍िक मीट‍िंग     ||   भगत स‍िंह आतंकवादी नहीं, हमारे देश को उन पर गर्व है- फारुख अब्दुल्ला     ||   अन‍िल अंबानी की जेब में देश का पैसा जा रहा है-राहुल गांधी     ||

महाराष्ट्र सरकार की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, ऋणमाफी की मांग कर रहे 30 हजार किसान पहुंचे ठाणे

अंग्वाल न्यूज डेस्क
महाराष्ट्र सरकार की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, ऋणमाफी की मांग कर रहे 30 हजार किसान पहुंचे ठाणे

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में किसानों ने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ऋणमाफी के लिए ऑल इंडिया किसान सभा (एआईकेएस) के नेतृत्व में करीब 30,000 किसान विरोध प्रदर्शन करते हुए शुक्रवार को ठाणे पहुंच गए हैं। विरोध रहे किसान लगातार आग बढ़ रहे हैं और मुंबई से कुछ ही दूरी पर हैं। बता दें कि ये किसान ऋणमाफी की मांग को लेकर ये हर दिन 30 किलोमीटर की यात्रा कर रहे हैं, उनका लक्ष्य 12 मार्च को मुंबई में विधानसभा का घेराव करना है।

 

गौरतलब है कि किसानों की यह 180 किलोमीटर लंबी यात्रा 5 मार्च को सेंट्रल नासिक के सीबीएस चौक से हुई थी। राज्य के किसान पूरी तरह से ऋण और बिजली के बिलों को माफ करने की मांग कर रहे हैं। गौर करने वाली बात है कि महाराष्ट्र सरकार ने पिछले साल ऋणमाफी योजना के प्रथम चरण के तहत 4,000 करोड़ रुपए के ऋण की माफी की घोषणा की थी। 


ये भी पढ़ें - Live: इंडिया टुडे काॅनक्लेव में सोनिया ने भाजपा पर बोला तीखा हमला, कहा-क्या भाजपा से पहले देश...

आपको बता दें कि ऑल इंडिया किसान सभा की मांग है कि सरकार सुपर हाईवे और बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार किसानों की जमीन पर अधिग्रहण न करें। ऑल इंडिया किसान सभा के नेता ने कहा कि वे सरकार का ध्यान लगातार इस ओर खींचना चाहते थे लेकिन अनदेखी की वजह से उन्हें मार्च निकालने पर मजबूर होना पड़ा है।  

 

Todays Beets: