Friday, November 24, 2017

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जीएसटी के बावजूद मुनाफाखोरी करने वालों पर कसेगा शिकंजा, सरकार ने बनाई ये रणनीति

अंग्वाल न्यूज डेस्क
जीएसटी के बावजूद मुनाफाखोरी करने वालों पर कसेगा शिकंजा, सरकार ने बनाई ये रणनीति

नई दिल्ली । गुड्स सर्विस टैक्स यानी जीएसटी की दरों में हाल में जीएसटी परिषद ने काफी कटौती की है। हाल में 200 से ज्यादा उत्पादों के दाम घटाने के बाद अब परिषद उन मुनाफाखोरों पर शिकंजा करने की रणनीति बना बैठी है, जो ग्राहकों तक इस मुनाफे को नहीं पहुंचने देते। मोदी सरकार दिसंबर में इससे संबंधित गाइडलाइन जारी कर सकती है। इस गाइड लाइन के जरिए सरकार उन कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी जो इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा ग्राहकों तक नहीं पहुंचाते हैं। 

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मुनाफाखोरी रोधी नियम बनाने की तैयारी

बता दें कि जीएसटी परिषद ने हाल में अपनी बैठक में जीएसटी की दरों में कटौती की है। इसकी मदद से करीब 200 से ज्यादा उत्पादों के दाम कर हुए हैं, लेकिन कुछ मुनाफाखोर सरकार की इस मुहिम का लाभ आम जनता तक नहीं पहुंचने देते। ऐसे में इन मुनाफाखोरों पर लगाम कसने के लिए सरकार ने 'एंटी-प्रॉफिटियरिंग (मुनाफाखोरी रोधी) नियम बनाने की तैयारी  की है। इसके जरिय उन कारोबारियों के ख‍िलाफ कार्यवाही की जाएगी, जो इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा ग्राहकों को तक नहीं पहुंचाते हैं। 

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आखिर क्या है इनपुट टैक्स क्रेडिट


असल में  जब कोई कारोबारी कच्चा माल व अन्य सामग्री खरीदता है, तो उसे टैक्स भरना पड़ता है। यह इनपुट टैक्स कहलाता है। जीएसटी के तहत इस सामग्री से कोई उत्पाद जब तैयार हो जाता है, तो कारोबारी को इनपुट टैक्स भरने की वजह से टैक्स भरते समय छूट मिलती है। यही इनपुट टैक्स क्रेडिट होता है। लेकिन सरकार की ओर से जिन कारोबारियों को इनपुट टैक्स क्रेडिट मिलता है, उन्हें इसका फायदा अपने ग्राहकों को भी देना होता है। लेकिन कई कारोबारी ऐसा नहीं करते और लाभ अपने पास ही रख लेते हैं। 

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कुछ शंकाओं का समाधान अभी बाकि

इस पूरे मामले में कुछ शंकाएं भी हैं, जिनका समाधान करना अभी बाकि है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा हर ब्रांड पर आम लोगों तक पहुंचाना संभव भी है या नहीं। हालांकि पिछले दिनों जीएसटी दरों में कटौती के बाद अब परिषद जीएसटी में नए बदलावों की तैयारी कर रही है। इन बदलाव से आम आदमी को और भी राहत मिल सकती है।

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