Wednesday, January 24, 2018

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एनजीटी ने ऑड-इवन पर फिर कसा केजरीवाल सरकार पर तंज, कहा- केवल मीडिया के लिए था ये सब...

अंग्वाल न्यूज डेस्क
एनजीटी ने ऑड-इवन पर फिर कसा केजरीवाल सरकार पर तंज, कहा- केवल मीडिया के लिए था ये सब...

नई दिल्ली । दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के खतरनाक स्तर से भी ऊपर पहुंचने के बीच दिल्ली सरकार द्वारा लागू किए गए ऑड-इवन के फैसले को रद्द कर दिया गया। अब इस मामले को लेकर NGT में सुनवाई शुरू हो गई है। हालांकि इस दौरान दिल्ली सरकार का लापरवाही भरा रुख सामने आया। एनजीटी ने सुनवाई के दौरान पूछा कि क्या दिल्ली सरकार की ओर से कोई ऑड-इवन पर बात करने को है? लेकिन दिल्ली सरकार की ओर से कोई वकील वहां मौजूद नहीं था। इस पर एनजीटी ने चुटकी लेते हुए कहा कि क्या ये सिर्फ मीडिया को बताने के लिए था।

बता दें कि दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण से होने वाले खतरों को भांपते हुए पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस बार दीपावली पर पटाखों की ब्रिकी पर प्रतिबंध लगा दिया था। हालांकि प्रदूषण को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट समेत एनजीटी दिल्ली सरकार को कई निर्देश दे चुके हैं। इस सब के बीच पिछले दिनों दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने एक बार फिर से ऑड-इवन की यातायात व्यवस्था को 13 नवंबर से 17 नवंबर तक के लिए लागू किया, जिस पर एनजीटी ने सवाल उठाए। 

एनजीटी द्वारा सवाल उठाने जाने के बाद हालांकि एनजीटी ने कुछ शर्तों के साथ दिल्ली सरकार को अपनी इस व्यवस्था को लागू करने के लिए कहा था लेकिन दिल्ली सरकार इस दौरान आदेश दे चुकी थी कि ऑड-इवन के दौरान डीटीसी बसों में यात्रा निशुल्क होगी। अब एनजीटी से स्वीकृति मिलने के बावजूद दिल्ली सरकार ने अपने ऑड-इवन वाले आदेश को रद्द कर दिया। असल में एनजीटी ने जो शर्तों रखीं थी, दिल्ली सरकार ने उन्हें पूरा करने पर असमर्थता जताई। 


असल में एनजीटी ने दिल्ली सरकार की सफाई सुनने के बाद कहा कि ऑड-इवन कार नंबरों के साथ-साथ दोपहिया वाहनों और पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं पर भी यह नियम लागू किए जाएंगे। इस व्यवस्था से वीवीआईपी को भी छूट नहीं दी जाएगी। ऐसी शर्तों पर केजरीवाल सरकार ने ऑड-इवन रद्द कर दिया था। 

हालांकि यह मामला एनजीटी ने सुनवाई के दौरान पूछा कि क्या दिल्ली सरकार की ओर से कोई ऑड-इवन पर बात करने को है? लेकिन दिल्ली सरकार की ओर से कोई वकील वहां मौजूद नहीं था। इस पर एनजीटी ने चुटकी लेते हुए कहा कि क्या ये सिर्फ मीडिया को बताने के लिए था।

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