Sunday, September 23, 2018

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एयर इंडिया को भुगतना पड़ सकता है फ्लाइट की देरी का खामियाजा, देना पड़ सकता है 88 लाख डाॅलर का जुर्माना

अंग्वाल न्यूज डेस्क
एयर इंडिया को भुगतना पड़ सकता है फ्लाइट की देरी का खामियाजा, देना पड़ सकता है 88 लाख डाॅलर का जुर्माना

नई दिल्ली। पहले से ही घाटे की वजह से कर्ज में डूबी एयर इंडिया को देाहरा झटका लगा है। दिल्ली से शिकागों के लिए जाने वाली उड़ान के 28 घंटे की देरी से पहुंचने के चलते अब अमेरिकी कानून के अनुसार उसे करीब 88 लाख डाॅलर का जुर्माना देना पड़ सकता है। मामला  दिल्ली हाईकोर्ट में लंबित है। बता दें कि 9 मई को दिल्ली से शिकागो जाने वाली एयर इंडिया के विमान में 2 बच्चों समेत 323 लोग सवार थे। बताया जा रहा है कि खराब मौसम की वजह से एयर इंडिया की यह फ्लाइट देरी से पहुंची थी। इस फ्लाइट को 16 घंटे में शिकागो पहुंचना था, जिसको शिकागो से मिलवॉयुकी की तरफ डायर्वट कर दिया था। 

गौरतलब है कि इस विमान को दो घंटे बाद मिलवाॅयुकी से उड़ान भरना था लेकिन क्रू की तरफ से उसकी अनुमति नहीं दी गई। बता दें कि दिल्ली से शिकागो के लिए चले केबिन क्रू की ड्यूटी आवर खत्म हो गई थी। अत्यधिक थकान के बाद दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा दिए गए एक आदेश के बाद डीजीसीए ने अपने उस फैसले को वापस ले लिया था, जिसमें विदेशी उड़ान पर मौजूद केबिन क्रू के लिए एक दिन में केवल एक ही लैंडिंग करने की अनुमति उसके पास रह गई थी। 

इस वजह से एयर इंडिया को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत शिकागो से दूसरी केबिन क्रू को सड़क मार्ग के जरिए भेजना पड़ा था। नए केबिन क्रू के आने पर फ्लाइट ने शिकागो के लिए फिर से उड़ान भरी, जिसके कारण यह 28 घंटे की देरी से वहां पर पहुंची। इस फ्लाइट में 40 यात्री ऐसे थे जो व्हीलचेयर पर थे। 


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अमेरिका में कानून है कि अगर कोई यात्री इंटरनेशनल फ्लाइट में 4 घंटे से ज्यादा देरी तक रहता है, तो फिर उस कंपनी को प्रति यात्री 27500 डॉलर का हर्जाना देना पड़ेगा। इस हिसाब से इस फ्लाइट में 323 यात्री सवार थे, जिससे एयर इंडिया को 88 लाख डॉलर हर्जाने के तौर पर देने होंगे। मामला फिलहाल दिल्ली हाईकोर्ट में लंबित है।  

 

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