Sunday, February 17, 2019

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LIVE- आप विधायकों को हाईकोर्ट से फटकार, कोर्ट ने कहा- बुलावे पर भी नहीं गए तो अब EC कार्रवाई के लिए स्वतंत्र

अंग्वाल न्यूज डेस्क
LIVE- आप विधायकों को हाईकोर्ट से फटकार, कोर्ट ने कहा- बुलावे पर भी नहीं गए तो अब EC कार्रवाई के लिए स्वतंत्र

नई दिल्ली । दिल्ली हाईकोर्ट ने ऑफिस ऑफ प्रॉफिट के मामले में आम आदमी पार्टी के विधायकों को करारी फटकार लगाते हुए कहा है कि इस मामले में आप समय रहते चुनाव आयोग के पास क्यों नहीं गए। चुनाव आयोग के 20 विधायकों की सदस्या को रद्द किए जाने की सिफारिश राष्ट्रपति से किए जाने के फैसले को चुनौती देने के लिए हाईकोर्ट पहुंची आम आदमी पार्टी को करारा झटका लगा है। कोर्ट ने आप की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि आपको किसी ने इस मुद्दे पर चुनाव आयोग जाने से नहीं रोका, आप चुनाव आयोग के संपर्क में क्यों नहीं थे। समय रहते आप चुनाव आयोग के पास क्यों नहीं गए। आपको चुनाव आयोग ने नोटिस जारी किए तो उसका जवाब आप लोगों ने क्यों नहीं दिया। हमने पहले भी इन विधायकों की नियुक्ति को असंवैधानिक बताया था। 

बता दें कि चुनाव आयोग ने आप विधायकों को संसदीय सचिव बनाए जाने के मामले को लाभ का पद मानते हुए ऐसे 20 विधायकों की सदस्यता रद्द करने की सिफारिश राष्ट्रपति को कर दी है। इस मुद्दे पर आप ने चुनाव आयोग के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी। इस मुद्दे पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने इन 20 विधायकों को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि आपको चुनाव आयोग जाने से किसी ने नहीं रोका था तो इतने समय तक आप लोग कहां थे। बुलाने पर भी जब आप नहीं गए तो चुनाव आयोग फिर कार्रवाई के लिए स्वतंत्र है। 

विदित हो कि आप पार्टी की दिल्ली सरकार ने मार्च 2015 में अपने 21 विधायकों को संसदीय सचिव के पद पर नियुक्त किया था जिसके बाद प्रशांत पटेल नाम के एक वकील ने इसे लाभ का पद बताकर राष्ट्रपति के पास शिकायत करते हुए इन विधायकों की सदस्यता खत्म करने की मांग की थी। यहां बता दें कि विधायक जनरैल सिंह के पिछले साल विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद इस मामले में फंसे विधायकों की संख्या 20 हो गई है।

जाने आखिर कहां फंसा है पेंच?

1. दिल्ली सरकार ने 21 विधायकों की नियुक्ति मार्च 2015 में की, जबकि इसके लिए कानून में ज़रूरी बदलाव कर विधेयक जून 2015 में विधानसभा से पास हुआ, जिसको केंद्र सरकार से मंज़ूरी आज तक मिली ही नहीं।

2. अगर दिल्ली सरकार को लगता था कि उसने इन 21 विधायकों की नियुक्ति सही और कानूनी रूप से ठीक की है, तो उसने नियुक्ति के बाद विधानसभा में संशोधित बिल क्यों पास किया ?

इन 20 विधायकों पर लटकी है तलवार

1. आदर्श शास्त्री, द्वारका

2. जरनैल सिंह, तिलक नगर

3. नरेश यादव, मेहरौली

4. अल्का लांबा, चांदनी चौक

5. प्रवीण कुमार, जंगपुरा

6. राजेश ऋषि, जनकपुरी

7. राजेश गुप्ता, वज़ीरपुर


8. मदन लाल, कस्तूरबा नगर

9. विजेंद्र गर्ग, राजिंदर नगर

10. अवतार सिंह, कालकाजी

11. शरद चौहान, नरेला

12. सरिता सिंह, रोहताश नगर

13. संजीव झा, बुराड़ी

14. सोम दत्त, सदर बाज़ार

15. शिव चरण गोयल, मोती नगर

16. अनिल कुमार बाजपई, गांधी नगर

17. मनोज कुमार, कोंडली

18. नितिन त्यागी, लक्ष्मी नगर

19. सुखबीर दलाल, मुंडका

20. कैलाश गहलोत, नजफ़गढ़

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