Sunday, February 17, 2019

Breaking News

   महाराष्ट्रः ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा चलाई गई शकुंतला नैरो गेज ट्रेन में लगी आग     ||   केरलः दक्षिण पश्चिम तट से अवैध तरीके से भारत में घुसते 3 लोग गिरफ्तार     ||   ताबड़तोड़ एनकाउंटर पर योगी सरकार को SC का नोटिस, CJI बोले- विस्तृत सुनवाई की जरूरत     ||   तेहरान में बोइंग 707 किर्गिज कार्गो प्लेन क्रैश, 10 क्रू मेंबर की मौत     ||   PM मोदी बोले- जवानों के बाद किसानों की आंखों में धूल झोंक रही कांग्रेस     ||   PM मोदी बोले- हम ईमानदारी से कोशिश करते हैं, झूठे सपने नहीं दिखाते     ||   कुशल भ्रष्टाचार और अक्षम प्रशासन का मॉडल है कांग्रेस-कम्युन‍िस्ट सरकार-PM मोदी     ||   CBI: राकेश अस्थाना केस में द‍िल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई 20 द‍िसंबर तक टली     ||   बैडम‍िंटन खि‍लाड़ी साइना नेहवाल ने पी कश्यप से की शादी     ||   गुलाम नबी आजाद ने जीवन भर कांग्रेस की गुलामी की है: ओवैसी     ||

पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त का बड़ा बयान , कहा-EVM के 50 फीसदी परिणामों का वीवीपैट से मिलान संभव नहीं 

अंग्वाल न्यूज डेस्क
पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त का बड़ा बयान , कहा-EVM के 50 फीसदी परिणामों का वीवीपैट से मिलान संभव नहीं 

नई दिल्ली । ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाने की मांग को लेकर अड़े कई राजनीति दलों के नेताओं ने गत दिनों निर्वाचन आयोग से मुलाकात की। इस दौरान 23 राजनीतिक दलों के नेताओं ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनावों में किसी भी सीट के परिणाम का ऐलान करने से पहले EVM से करीब 50 फीसदी वीवीपैट का मिलान अवश्य किया जाए। विपक्षी दलों की इस मांग पर पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त टीएस कृष्णमूर्ति ने कहा कि ऐसा मिलान करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि यह काम चुनाव आयोग के लिए मुश्किल हो सकता है।

बता दें कि यूपी विधानसभा चुनावों के दौरान सबसे पहले बसपा सुप्रीमो मायावती ने ईवीएम से मतदान की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए बैलेट पेपर से ही चुनाव करवाने की मांग की थी। इसके बाद विपक्ष के कई दलों ने उनकी इस मांग का समर्थन किया और बैलेट पेपर से चुनाव करवाए जाने के पक्ष में प्रदर्शन भी किए। हालाकि चुनाव आयोग ने हैकाथन आयोजितक करने के साथ ही विपक्षी दलों से कह दिया है कि बैलेट पेपर से चुनाव करवाना मतलब पीछे जाना। बहरहाल इस सब के बावजूद गत सोमवार को 23 राजनीतिक दलों के नेता इस मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग में गए भी थे। इस दौरान इन नेताओं ने मांग रखी कि आगामी लोकसभा चुनावों में परिणामों का ऐलान करने से पहले 50 फीसदी वीवीपैट का मिलान ईवीएम से किया जाए।


इस पर पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त कृष्णामूर्ति ने कहा कि ऐसा संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग पहले ही इस बात को कह चुका है कि वह धीरे-धीरे वीवीपैट के सत्यापन को बढ़ाएगा । असल में यह उन्हें मिलने वाली मशीनों पर निर्भर करता है। एक रात में वह 50 फीसदी वोटों का वीवीपैट से सत्यापन करने में सक्षम नहीं हैं। जब नई मशीनें आएंगी तो उन्हें वीवीपैट से जोड़ा जाएगा। बहरहला, उनके इस बयान ने साफ कर दिया है कि विपक्षी दलों की मांग पर आने वाले समय में कोई एक्शन नहीं हो सकेगा।   

Todays Beets: