Monday, June 25, 2018

Breaking News

   उत्तर भारत में धूल: चंडीगढ़ में सुबह 11 बजे अंधेरा छाया, 26 उड़ानें रद्द; दिल्ली में भी धूल कायम     ||   टेस्ट में भारत की सबसे बड़ी जीत: अफगानिस्तान को एक दिन में 2 बार ऑलआउट किया, डेब्यू टेस्ट 2 दिन में खत्म     ||   पेशावर स्कूल हमले का मास्टरमाइंड और मलाला पर गोली चलवाने वाला आतंकी फजलुल्लाह मारा गया: रिपोर्ट     ||   कानपुर जहरीली शराब मामले में 5अधिकारी निलंबित     ||   अब जल्द ही बिना नेटवर्क भी कर सकेंगे कॉल, बस Wi-Fi की होगी जरुरत     ||   मौलाना मदनी ने भी की एएमयू से जिन्‍ना की तस्‍वीर हटाने की वकालत     ||   भारत-चीन सेना के बीच हॉटलाइन की तैयारी, LoC पर तनाव होगा दूर     ||   कसौली में धारा 144 लागू, आरोपित पुलिस की गिरफ्त से बाहर     ||   स्कूली बच्चों पर पत्थरबाजी से भड़के उमर अब्दुल्ला, कहा- ये गुंडों जैसी हरकत     ||   थर्ड फ्रंट: ममता, कनिमोझी....और अब केसीआर की एसपी चीफ अखिलेश यादव के साथ बैठक     ||

सेना के जवान में उभरा असंतोष, गलती से एलओसी पार करने वाले जवान ने की समयपूर्व रिटायरमेंट की मांग

अंग्वाल न्यूज डेस्क
सेना के जवान में उभरा असंतोष, गलती से एलओसी पार करने वाले जवान ने की समयपूर्व रिटायरमेंट की मांग

नई दिल्ली। भारतीय सेना के जवान में एक बार फिर से असंतोष की भावना उठनी शुरू हो गई है। सितंबर 2016 में की गई सर्जिकल स्ट्राइक के बाद गलती से नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार चले गए भारतीय सैनिक चंदू बाबूलाल चव्हाण ने समय से पहले ही रिटायरमेंट की मांग की है। बता दें कि चंदू बाबूलाल पाकिस्तान में लगभग 4 महीने तक हिरासत में भी रहा था। बताया जा रहा है कि चंदूलाल ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर कहा कि वह काफी परेशान हैं और नौकरी नहीं करना चाहते हैं, उन्हें सेवानिवृत्त किया जाए। 

गौरतलब है कि 37 राष्ट्रीय राइफल्स के जवान चंदू 29 सितंबर, 2016 को भारत के द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक के बाद लापता हो गए थे। बाद में पता चला कि वह गलती से नियंत्रण रेखा को पार कर पाकिस्तान की सीमा में चले गए थे और पाकिस्तानी सेना ने उन्हें अपनी हिरासत में ले लिया था। भारतीय सेना पाकिस्तान के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर 4 महीने के बाद उसे भारत वापस लाने में कामयाब हुई थी। वतन वापसी के बाद चंदू को सैन्य अस्पताल के मनोरोग वार्ड में भर्ती कराया गया था। 


ये भी पढ़ें - यूपी में भाजपा विधायकों और नेताओं से मांगी जा रही 10 लाख की रंगदारी, जान से मारने की धमकी भी

यहां बता दें कि चंदू बाबूलाल की भारत वापसी के बाद सेना के द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत सजा भी दी गई थी। हालांकि बाद में उनको महाराष्ट्र के अहमदनगर में सशस्त्र कोर केंद्र में स्थानांतरित कर दिया गया। शनिवार को अस्पताल से छूटने के बाद चंदू बाबू लाल चव्हाण ने कहा कि पिछले 2 सालों में उसके साथ जो भी हुआ उससे वह काफी परेशान है और वह अब और नौकरी नहीं करना चाहता है। उसने वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर समयपूर्व सेवानिवृत्ति की मांग की है। 

Todays Beets: