Wednesday, December 13, 2017

Breaking News

   पशु तस्करों और पुलिस में मुठभेड़, जवाबी गोलीबारी में एक मरा, घायल गायें बरामद    ||   RTI में खुलासा- भगत सिंह-राजगुरु-सुखदेव को अब तक नहीं मिला शहीद का दर्जा, सरकारी किताब में बताया गया 'आतंकी'     ||    गुजरात चुनाव: रैली में बोले BJP नेता- दाढ़ी-टोपी वालों को कम करना पड़ेगा, डराने आया हूं ताकि वो आंख न उठा सकें    ||   मध्य प्रदेश: बाबरी विध्वंस पर जुलूस निकाल रहे विहिप-बजरंग दल कार्यकर्ता पर पथराव, भड़क गई हिंसा    ||   बैंक अकाउंट को आधार से जोड़ने की तारीख बढ़ी, जानिए क्या है नई तारीख    ||   पशु तस्करों और पुलिस में मुठभेड़, जवाबी गोलीबारी में एक मरा, घायल गायें बरामद     ||   अश्विन ने लगाया विकेटों का सबसे तेज 'तिहरा शतक', लिली को छोड़ा पीछे     ||   पूरा हुआ सपना चौधरी का 'सपना', बेघर होने के साथ बॉलीवुड से मिला बड़ा ऑफर    ||   PAK सरकार ने शर्तें मानीं, प्रदर्शन खत्म करने कानून मंत्री को देना पड़ा इस्तीफा    ||   मैदान पर विराट के आक्रामक रवैये पर राहुल द्रविड़ को सताई चिंता     ||

भारत में लगने वाला कुंभ मेला यूनेस्को की विरासत सूची में हुआ शामिल, मिलेगी वैश्विक पहचान 

अंग्वाल न्यूज डेस्क
भारत में लगने वाला कुंभ मेला यूनेस्को की विरासत सूची में हुआ शामिल, मिलेगी वैश्विक पहचान 

नई दिल्ली। भारत में लगने वाले कुंभ मेले को यूनेस्को ने अपनी ‘मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची’ में शामिल किया है। यूनेस्को संगठन ने ट्विटर पर यह जानकारी दी है। बता दें कि संयुक्त राष्ट्र के सांस्कृतिक निकाय की विश्व धरोहर समिति ने दक्षिण कोरिया के जेजू द्वीप पर हुए अपने 12वें सत्र में कुंभ मेला को इस सूची में रखने की मंजूरी दी। यहां गौर करने वाली बात है कि स्पेन की फ्लेमेंको नृत्य से लेकर इंडोनेशिया की बाटिक कला तक 350 से अधिक परंपराएं और कलारूप आदि इस सूची में पहले से शामिल हैं। 

पौराणिक मान्यता

गौरतलब है कि यूनेस्को की सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में तुर्की की तेल कुश्ती और मंगोलिया की ऊंटों के लिए मनाई जाने वाली रस्म को भी इसमें जगह दी गई है। बता दें कि 12 सालों में एक बार लगने वाला महाकुंभ मेला हिन्दुओं के लिए एक खास मौका होता है। ऐसी मान्यता है कि देवासुर संग्राम के दौरान अमृतकलश से अमृत की कुछ बूंदें छलक गई थीं और वे बूंदें पृथ्वी पर प्रयाग (इलाहाबाद), नासिक, उज्जैन और हरिद्वार पर गिरी थीं। अमृत गिरने के कारण यहां हर चार साल पर कुंभ मेला लगता है।

ये भी पढ़ें - घोषणा पत्र जारी न करने पर हार्दिक का भाजपा पर वार, कहा- मेरी सीडी बनाने में बिजी थी, घोषणा पत...


2013 में लगा था पिछला महाकुंभ इलाहाबाद में जो 55 दिन तक चला था 

10 करोड़ लोगों ने इस दौरान गंगा नदी के पवित्र जल में डुबकी लगाई थी

12 हजार पुलिस अधिकारी तैनात थे मेले में व्यवस्था बनाए रखने के लिए

Todays Beets: