Friday, June 22, 2018

Breaking News

   उत्तर भारत में धूल: चंडीगढ़ में सुबह 11 बजे अंधेरा छाया, 26 उड़ानें रद्द; दिल्ली में भी धूल कायम     ||   टेस्ट में भारत की सबसे बड़ी जीत: अफगानिस्तान को एक दिन में 2 बार ऑलआउट किया, डेब्यू टेस्ट 2 दिन में खत्म     ||   पेशावर स्कूल हमले का मास्टरमाइंड और मलाला पर गोली चलवाने वाला आतंकी फजलुल्लाह मारा गया: रिपोर्ट     ||   कानपुर जहरीली शराब मामले में 5अधिकारी निलंबित     ||   अब जल्द ही बिना नेटवर्क भी कर सकेंगे कॉल, बस Wi-Fi की होगी जरुरत     ||   मौलाना मदनी ने भी की एएमयू से जिन्‍ना की तस्‍वीर हटाने की वकालत     ||   भारत-चीन सेना के बीच हॉटलाइन की तैयारी, LoC पर तनाव होगा दूर     ||   कसौली में धारा 144 लागू, आरोपित पुलिस की गिरफ्त से बाहर     ||   स्कूली बच्चों पर पत्थरबाजी से भड़के उमर अब्दुल्ला, कहा- ये गुंडों जैसी हरकत     ||   थर्ड फ्रंट: ममता, कनिमोझी....और अब केसीआर की एसपी चीफ अखिलेश यादव के साथ बैठक     ||

न्यायपालिका पर उठे सवालों से सरकार में मचा हड़कंप, स्वामी बोले-पीएम मामले में दखल दें

अंग्वाल न्यूज डेस्क
न्यायपालिका पर उठे सवालों से सरकार में मचा हड़कंप, स्वामी बोले-पीएम मामले में दखल दें

नई दिल्ली ।  न्यायपालिका की खामियों को लेकर शुक्रवार को मीडिया के सामने आए सुप्रीम कोर्ट के चार जजों के आरोपों से सरकार में हड़कंप मच गया है। सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जजों के देश के लोकतंत्र को खतरा बताए जाने के बयान पर अब विपक्षी दलों ने इसे मुद्दा बनाना शुरू कर दिया है। हालांकि इस सब के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता और वकील सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि देश की आजादी के बाद यह सही में देश की न्यायपालिका को लेकर बड़ी समस्या खड़ी हुई है। ये बहुत ही गंभीर मामला है। जजों ने बहुत बलिदान दिए हैं और उनकी नियत पर सवाल नहीं उठाए जा सकते। चारों जज बेहद ईमानदार हैं। वो याचिकाकर्ता की बातें जिस तरह से सुनते हैं और फैसला लिखते हैं वह काबिले तारीफ है। जजों की वेदना को समझना चाहिए। इस दौरान स्वामी ने कहा कि पीएम मोदी को इस मामले में दखल देना चाहिए। वहीं इस घटनाक्रम के बाद जहां चीफ जस्टिस के भी पत्रकार वार्ता आयोजित करने की बातें सामने आ रही हैं, वहीं चीफ जस्टिस ने एटॉर्नी जनरल के साथ बैठक की है। इसी क्रम में पीएम मोदी ने कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद को बैठक के लिए बुलाया। 

ये भी पढ़ें- Live-- सुप्रीम कोर्ट के 4 जजों ने मुख्य न्यायाधीश पर लगाए कई आरोप, पीएम ने बुलाया कानून मंत्री को

वहीं इस मुद्दे पर वरिष्ठ वकील उज्जवल निकम ने कहा कि ये न्यायपालिका के लिए काला दिन है। सुप्रीम कोर्ट के जजों की पत्रकार वार्ता के बाद हर कोई न्यायपालिका के फैसले को शक की निगाहों से देखेगा। अब से हर फैसले पर सवाल उठने शुरू हो जाएंगे। बता दें कि देश की आजादी के बाद यह पहला मौका होगा, जब देश के चार तीसरे स्तंभ न्यायपालिका ने चौथे स्तंभ यानि मीडिया के सामने आकर अपनी बात रखी है। चीफ जस्टिस के बाद दूसरे सबसे सीनियर जज जस्टिस चेलमेश्वर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कभी-कभी होता है कि देश के सुप्रीम कोर्ट की व्यवस्था भी बदलती है। सुप्रीम कोर्ट का प्रशासन ठीक तरीके से काम नहीं कर रहा है, अगर ऐसा चलता रहा तो लोकतांत्रिक परिस्थिति ठीक नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि हमने इस मुद्दे पर चीफ जस्टिस से बात की, लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं सुनी गई। 


ये भी पढ़ें- पीएम मोदी दुनिया के तीसरे सबसे लोकप्रिय नेता, ट्रंप, पुतिन और जिनपिंग को भी पछाड़ा

जजों ने बताया कि चार महीने पहले हम सभी ने चीफ जस्टिस को एक पत्र लिखा था, जो प्रशासन से संबंधित था। हमने इस बारे में कई बार मुद्दे को उठाया लेकिन हर बार हमें अनसुना कर दिया गया। इस दौरान चारों जजों ने कहा कि चीफ जस्टिस पर देश को फैसला करना चाहिए, हम बस देश का कर्ज अदा कर रहे हैं। 

Todays Beets: