Monday, January 21, 2019

Breaking News

   ताबड़तोड़ एनकाउंटर पर योगी सरकार को SC का नोटिस, CJI बोले- विस्तृत सुनवाई की जरूरत     ||   तेहरान में बोइंग 707 किर्गिज कार्गो प्लेन क्रैश, 10 क्रू मेंबर की मौत     ||   PM मोदी बोले- जवानों के बाद किसानों की आंखों में धूल झोंक रही कांग्रेस     ||   PM मोदी बोले- हम ईमानदारी से कोशिश करते हैं, झूठे सपने नहीं दिखाते     ||   कुशल भ्रष्टाचार और अक्षम प्रशासन का मॉडल है कांग्रेस-कम्युन‍िस्ट सरकार-PM मोदी     ||   CBI: राकेश अस्थाना केस में द‍िल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई 20 द‍िसंबर तक टली     ||   बैडम‍िंटन खि‍लाड़ी साइना नेहवाल ने पी कश्यप से की शादी     ||   गुलाम नबी आजाद ने जीवन भर कांग्रेस की गुलामी की है: ओवैसी     ||   बाबा रामदेव रांची में खोलेंगे आचार्यकुलम, क्लास 1 से क्लास 4 तक मिलेगी शिक्षा     ||   मैंने महिलाओं व अन्य वर्गों के लिए काम किया, मेरा काम बोलेगा: वसुंधरा राजे     ||

 न्यूनतम वेतन संशोधन विधेयक को मिली मंजूरी, नियोक्ताओं को जाना पड़ सकता है 3 साल के लिए जेल, 20 हजार रुपये का जुर्माना भी

अंग्वाल न्यूज डेस्क
 न्यूनतम वेतन संशोधन विधेयक को मिली मंजूरी, नियोक्ताओं को जाना पड़ सकता है 3 साल के लिए जेल, 20 हजार रुपये का जुर्माना भी

नई दिल्ली। दिल्ली में काम के बदले तय न्यूनतम मजदूरी से कम वेतन देने वालों पर कानूनी शिकंजा कसेगा। दिल्ली विधानसभा से पारित न्यूनतम वेतन (दिल्ली) संशोधन विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है। अब दिल्ली में तय न्यूनतम मजदूरी नहीं देने वाले नियोक्ता के लिए 20 हजार रुपये जुर्माने के साथ 3 साल तक की सजा का भी प्रावधान है। बता दें कि राजधानी में न्यूनतम वेतन 13,896 रुपये है। 

गौरतलब है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कई महीने बाद विधेयक को मंजूरी मिली है। इससे ऐसे नियोक्ताओं पर सख्त कार्रवाई संभव होगी, जो न्यूनतम वेतन नहीं देते हैं। दिल्ली सरकार ऐसे लोगों पर कानून के तहत सख्त कार्रवाई करेगी। बता दें कि इससे पहले 2017 में अगस्त के महीने में इस विधेयक को पास किया गया था।

ये भी पढ़ें - तूफान का खतरा अभी भी बरकरार, बदरपुर में दीवार गिरने से 5 लोग घायल, आने वाले 24 घंटे भारी


यहां बता दें कि विधेयक पास करते हुए दिल्ली सरकार ने कहा था कि अभी दिल्ली में न्यूनतम वेतन न देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के प्रावधान नहीं थे। कानून का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए विधेयक लाना पड़ा है। गौर करने वाली बात है कि इससे पहले ऐसा करने वाले नियोक्ताओं पर सिर्फ 500 रुपये जुर्माने और 6 महीने तक की सजा का ही प्रावधान था। बता दें कि राजधानी में अकुशल मजदूरों के लिए 13,896, अर्ध कुशल के लिए 15,296, कुशल के लिए 16,858 रुपये मासिक वेतन निर्धारित है।

इसके अलावा 10वीं फेल के लिए 15,296, 10वीं पास के लिए 16,858 और ग्रेजुएट एवं ज्यादा शिक्षित के लिए 18,332 रुपये प्रतिमाह न्यूनतम वेतन है। दिल्ली कैबिनेट ने 25 फरवरी 2017 को यह दरें लागू की थीं। 

Todays Beets: