Monday, September 25, 2017

Breaking News

   जम्मू कश्मीर के नौगाम में लश्कर कमांडर अबू इस्माइल के साथ मुठभेड़,     ||   राम रहीम मामले पर गौतम का गंभीर प्रहार, कहा- धार्मिक मार्केटिंग का यह एक क्लासिक उदाहरण    ||   ट्राई ने ओवरचार्जिंग के लिए आइडिया पर लगाया 2.9 करोड़ का जुर्माना    ||   मदरसों का 15 अगस्त को ही वीडियोग्राफी क्यों? याचिका दायर, सुनवाई अगले सप्ताह    ||   पंचकूला से लंदन तक दिखा राम-रहीम विवाद का असर, ब्रिटेन ने जारी की एडवाइजरी    ||   PAK कोर्ट ने हिंदू लड़की को मुस्लिम पति के साथ रहने की मंजूरी दी    ||   बिहार आए पीएम मोदी, बाढ़ से हुई तबाही की गहन समीक्षा की    ||   जेल में ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए राम रहीम को सुनाई जाएगी सजा    ||   मच्छल में घुसपैठ नाकाम, पांच आतंकी ढेर, भारी मात्रा में गोलाबारूद बरामद    ||   जापान के बाद अब अमेरिका के साथ युद्धाभ्यास की तैयारी में भारत    ||

केंद्र सरकार और रक्षा मंत्रालय के सामने नई बड़ी मुश्किल, 100 से ज्यादा आर्मी अफसरों ने सुप्रीम कोर्ट में दर्ज की याचिका 

अंग्वाल संवाददाता
केंद्र सरकार और रक्षा मंत्रालय के सामने नई बड़ी मुश्किल, 100 से ज्यादा आर्मी अफसरों ने सुप्रीम कोर्ट में दर्ज की याचिका 

नई दिल्ली। देश की सेना के 100 से अधिक आर्मी अफसरों ने पदोन्नति को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। शिकायत दर्ज करने वाले अफसरों में अधिकांश लेफ्टिनेंट कर्नल और मेजर पद के अधिकारी हैं। इन अफसरों ने पदोन्नति में उनके साथ भेदभाव व अन्याय किए जाने के आरोप लगाए हैं। बता दें कि हाल ही रक्षा मंत्रालय का कार्यभार निर्मला सीतारणम को सौंपा गया है। ऐसे में पदभार ग्राहण करने के साथ ही उनके सामने यह मुसीबत आ खड़ी हुई है। 

यह भी पढ़े- पान की पीक धरती पर थूकने वालों को वंदेमातरम करने का अधिकार नहीं, सफाई कर्मियों का पहला हक - प...

याचिका में अफसरों का कहना है कि सेना और केंद्र सरकार के इस कदम से याचिकाकर्ताओं और अन्य अफसरों के साथ बड़ा अन्याय हुआ है। याचिका में कहा गया है कि इससे सेना के जवानों का मनोबल गिरता है। इसका सीधा असर देश की सुरक्षा पर पड़ता है। याचिकाकर्ताओं ने अपील कहा है कि अगर सरकार उन्हें समान पदोन्नति नहीं देती है तो वो इन अफसरों को सैन्य मोर्चों पर तैनात भी न करें। 


यह भी पढ़े- तीन तलाक पर पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा बयान,अदालत के फैसले का सम्मान इसका मतलब यह नहीं कि हम शरि...

अधिकारियों के इस कदम से रक्षा मंत्रालय और सरकार के सामने चुनौतियां आ खड़ी हुई है। आधिकारियों ने याचिका में अपील की है कि अगर उनके साथ ऐसे ही भेदभाव हुआ और उन्हें उनका हक नहीं मिला, तो उन्हें ऑपरेशनल एरिया और युद्ध क्षेत्र में तैनात न किया जाए। सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका लेफ्टिनेंट कर्नल पी के चौधरी की अगुवाई में दायर की गई। इस याचिका में कहा गया है कि सर्विसेज कोर के अफसरों को ऑपरेशनल एरिया में तैनात किया गया है।

Todays Beets: