Thursday, October 18, 2018

Breaking News

   सेना हर चुनौती से न‍िपटने के ल‍िए तैयार, सर्जिकल स्ट्राइक भी व‍िकल्‍प: रणबीर सिंह    ||   BJP विधायक मानवेंद्र ने बदला पाला, राज्यवर्धन बोले- कांग्रेस ने 70 साल में मंत्री नहीं बनाया    ||   सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर छिड़ी जंग, हिरासत में 30 प्रदर्शनकारी    ||   विवेक तिवारी हत्याकांडः HC की लखनऊ बेंच ने CBI जांच की मांग ठुकराई    ||   केरलः अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद ने सबरीमाला फैसले के खिलाफ HC में लगाई याचिका    ||   कोलकाताः HC ने दुर्गा पूजा आयोजकों को ममता के 28 करोड़ देने के फैसले पर रोक लगाई    ||    रूस के साथ S-400 एयर डिफेंस मिसाइल पर भारत की डील    ||   नार्वेः राजधानी ओस्लो में आज होगा शांति के नोबेल पुरस्कार का ऐलान    ||   अंकित सक्सेना मर्डर केसः ट्रायल के लिए अभियोगपक्ष के 2 वकीलों की नियुक्ति    ||   जम्मू कश्मीर में नेशनल कॉफ्रेंस के दो कार्यकर्ताओं की गोली मारकर हत्या, मरने वालों में एक MLA का पीए भी     ||

मैरिटल रेप पर बहस के लिए तैयार है दिल्ली हाई कोर्ट, 4 सितंबर को होगी अगली सुनवाई 

अंग्वाल संवाददाता
मैरिटल रेप पर बहस के लिए तैयार है दिल्ली हाई कोर्ट, 4 सितंबर को होगी अगली सुनवाई 

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट में मैरिटल रेप को अपराध की श्रेणी में शामिल करने के लिए सुनवाई जारी है। इस मामले में दोबारा सुनवाई की तारीख 4 सितंबर तय की गई है। याचिकाकर्ता की तरफ से पेश हुए वकील कोलिन गोंजाल्विस ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि शादी का मतलब यह नहीं होता कि पुरूष औरतों को दास बना लें। उनके साथ जबरदस्ती यौन संबंध बनाए। अपना पक्ष रखने के लिए उन्होंने नेपाल समेत कई अन्य देशों के तर्क भी न्यायपीठ के आगे रखें और कहा कि नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने भी वर्ष 2001 में यह साफ कर दिया था कि अगर शादी के बाद कोई व्यक्ति अपनी पत्नी के साथ बलात्कार करता है तो उसे महिला की स्वतंत्रता का हनन माना जाएगा। याचिकाकर्ता ने इस मामले में कई यूरोपीयन देशों की सुप्रीम कोर्ट के मैरिटल रेप संबंधित आदेश पढ़कर सुनाए। 

यह भी पढ़े- गर्भवती महिला ऑपरेशन टेबल पर बेहोश थी और ऑपरेशन के बजाए डॉक्टर आपस में लड़ने लगे, नवजात की मौ...

याचिकाकर्ता के इन तर्कों के बाद कोर्ट ने टिप्पणी में कहा कि फिलिपींस जैसे देशों में वहां के सुप्रीम कोर्ट ने शादी के बाद महिला के साथ जबरन यौन संबंध बनाने को अपराध की श्रेणी में रखा है। इस बीच कोर्ट ने मैरिटल रेप के मामले में सभी पक्षों की दलीलें सुनी, जिसमें सरकार व तमाम एनजीओ भी शामिल हैं। 


यह भी पढ़े- पूर्व पाक राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने दाऊद इब्राहिम के पाकिस्तान में होने की ओर किया इशारा 

वहीं दूसरी तरफ केंद्र सरकार ने मैरिटल रेप को अपराध घोषित किए जाने का विरोध किया है। दिल्ली हाई कोर्ट में कई अर्जी दाखिल कर उस प्रावधान को चुनौती दी गई है, जिसमें कहा गया है कि 15 साल से ज्यादा उम्र की पत्नी के साथ रेप को अपराध नहीं माना जाएगा। इस प्रवधान को कई एनजीओ ने गैर-संवैधानिक घोषित किए जाने के लिए याचिका दर्ज की थी। 

Todays Beets: