Monday, October 22, 2018

Breaking News

   सेना हर चुनौती से न‍िपटने के ल‍िए तैयार, सर्जिकल स्ट्राइक भी व‍िकल्‍प: रणबीर सिंह    ||   BJP विधायक मानवेंद्र ने बदला पाला, राज्यवर्धन बोले- कांग्रेस ने 70 साल में मंत्री नहीं बनाया    ||   सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर छिड़ी जंग, हिरासत में 30 प्रदर्शनकारी    ||   विवेक तिवारी हत्याकांडः HC की लखनऊ बेंच ने CBI जांच की मांग ठुकराई    ||   केरलः अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद ने सबरीमाला फैसले के खिलाफ HC में लगाई याचिका    ||   कोलकाताः HC ने दुर्गा पूजा आयोजकों को ममता के 28 करोड़ देने के फैसले पर रोक लगाई    ||    रूस के साथ S-400 एयर डिफेंस मिसाइल पर भारत की डील    ||   नार्वेः राजधानी ओस्लो में आज होगा शांति के नोबेल पुरस्कार का ऐलान    ||   अंकित सक्सेना मर्डर केसः ट्रायल के लिए अभियोगपक्ष के 2 वकीलों की नियुक्ति    ||   जम्मू कश्मीर में नेशनल कॉफ्रेंस के दो कार्यकर्ताओं की गोली मारकर हत्या, मरने वालों में एक MLA का पीए भी     ||

बढ़ते प्रदूषण के स्तर पर एनजीटी सख्त, 23 राज्यों को 2 महीने के अंदर कार्ययोजना तैयार करने का आदेश

अंग्वाल न्यूज डेस्क
बढ़ते प्रदूषण के स्तर पर एनजीटी सख्त, 23 राज्यों को 2 महीने के अंदर कार्ययोजना तैयार करने का आदेश

नई दिल्ली। देश में बढ़ रहे प्रदूषण के स्तर पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) सख्त हो गया है। एनजीटी ने दिल्ली और चंडीगढ़ समेत 23 राज्यों को 2 महीने के अंदर वायु प्रदूषण से निपटने की कार्ययोजना तैयार करने का आदेश दिया है। एनजीटी ने कहा कि देश के करीब 102 शहरों में हवा की गुणवत्ता, राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं है। न्यायाधिकरण ने वायु गुणवत्ता निगरानी समिति (एक्यूएमसी) गठित की है। इसमें पर्यावरण, परिवहन, उद्योग, शहरी विकास, कृषि विभाग के निदेशक और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों के सदस्य-सचिव शामिल हैं।

गौरतलब है कि एनजीटी ने स्पष्ट कहा है कि प्रदूषण से निपटने के लिए कार्ययोजना तैयार करने में नाकाम रहने पर उस राज्य के मुख्य सचिवों के साथ केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासक जिम्मेदार होंगे। बता दें कि कुछ दिनों पहले ही प्रदूषण के कारण लोगों को हो रही परेशानियों पर एनजीटी ने दिल्ली और पड़ोसी राज्यों को सख्त निर्देश दिए थे। 

ये भी पढ़ें - कांग्रेस नेताओं को सुप्रीम कोर्ट ने दिया झटका, कमलनाथ और सचिन पायलट की अर्जी की खारिज 


आपको बता दें कि एनजीटी ने जिन राज्यों को कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं उनमें महाराष्ट्र (17 शहर), उत्तर प्रदेश (15), पंजाब (9), हिमाचल प्रदेश (7), ओडिशा और मध्य प्रदेश (6-6 शहर), असम, आंध्र प्रदेश और राजस्थान (5-5 शहर)य कर्नाटक (4), बिहार, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना (3-3 शहर), गुजरात, जम्मू-कश्मीर, नगालैंड और उत्तराखंड (प्रत्येक में 2 शहर) और झारखंड, दिल्ली, चंडीगढ़, मेघालय, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल (प्रत्येक में) शामिल हैं।

 

Todays Beets: