Friday, October 20, 2017

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अयोध्या में 'नव्य योजना' के ऐलान के साथ ही विरोध शुरू, विपक्षी बोले-चुनाव आते ही श्रीराम की फिर याद

अंग्वाल न्यूज डेस्क
अयोध्या में

लखनऊ । यूपी में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार की 'नव्य अयोध्या' योजना का ऐलान करने के साथ ही इसे लेकर विरोध भी शुरू हो गया है। योगी सरकार अयोध्या में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नए अयोध्या प्रोजेक्ट को विकसित करने जा रही है, जिसके तहत अयोध्या में भगवान श्रीराम की मूर्ति लगाने की भी बात है। हालांकि योगी सरकार के इस फैसले को विपक्षी दलों ने टेढ़ी नजर से देखना शुरू कर दिया है। सपा ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि एक बार फिर चुनावों के नजदीक आते ही भाजपा को श्रीराम याद आ गए हैं। वहीं बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के कन्वेनर जफरयाब जिलानी ने कहा कि सरकार किसी धर्म विशेष के लिए काम नहीं कर सकती। 

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असल में योगी सरकार ने राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 'नव्य अयोध्या' का ऐलान किया है। बताया जा रहा है कि इस योजना के तहत अयोध्या में श्रीराम की एक बहुत ऊंची प्रतिमा लगाई जाएगी। अयोध्या को पर्यटन के लिहाज से एक बड़ा केंद्र बनाया जाएगा। अयोध्या भगवान श्रीराम की जन्मभूमि है। इसलिए अयोध्या का पूरे विश्व में एक धार्मिक महत्व है।  अयोध्या में धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं देखते हुए ही नव्य अयोध्या को लागू किए जाने की योजना है। हालांकि सरकार की इस योजा का ऐलान होने के साथ ही इसका विरोध भी शुरू हो गया है। 

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ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य और बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के कन्वेनर जफरयाब जिलानी ने कहा कि सरकार किसी धर्म विशेष के लिए काम नहीं कर सकती, लेकिन योगी सरकार की 'नव्य अयोध्या' योजना सरकार पर्यटन के मद्देनजर ला रही है तो हमें कोई दिक्कत नहीं। अयोध्या ऐतिहासिक नगरी है, वहां रोजगार का अन्य साधन भी मौजूद नहीं है, इसलिए पर्यटन के बढ़ावे के लिए सरकार कोई काम कर रही है तो ठीक है. जफरयाब ने कहा कि लेकिन सरकार को यह ध्यान रखना होगा कि वह किसी धर्म विशेष के लिए काम नहीं कर सकती है। 

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हालांकि सपा प्रवक्ता सुनील सिंह साजन ने कहा कि भाजपा श्रीराम के नाम पर अभी भी राजनीति करना चाह रही है। उन्होंने कहा, भाजपा चुनाव नजदीक आने पर ही अयोध्या की क्यों याद आती है। भाजपा के मुख्यमंत्रियों ने अगर सूबे में काम किया होता तो उन्हें आज राम के नाम की राजनीति नहीं करनी पड़ती। वहीं भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा- इस देश में नेता जीवित रहकर अपनी मूर्ति बनाते रहे हैं। उस पर आपत्ति नहीं हैं, तो भगवान श्रीराम की मूर्ति पर आपत्ति क्यों है।

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