Thursday, August 16, 2018

Breaking News

   मंगल ग्रह पर आशियाना बनाएगा इंसान, वैज्ञानिकों को मिली पानी की सबसे बड़ी झील     ||   भाजपा नेता का अटपटा ज्ञान, 'मृत्युशैया पर हुमायूं ने बाबर से कहा था, गायों का सम्मान करो'     ||   आज से एक हुए IDEA-वोडाफोन! अब बनेगी देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी     ||   गोवा में बड़ी संख्‍या में लोग बीफ खाते हैं, आप उन्‍हें नहीं रोक सकते: बीजेपी विधायक     ||   चीन फिर चल रहा 'चाल', डोकलाम में चुपचाप फिर शुरू कीं गतिविधियां : अमेरिकी अधिकारी     ||   नीरव मोदी, चोकसी के खिलाफ बड़ा एक्शन, 25-26 सितंबर को कोर्ट में पेश होने के आदेश     ||   जापान में फ़्लैश फ्लड से 200 लोगों की मौत     ||   देहरादून में जलभराव पर सरकार ने लिया संज्ञान अधिकारियों को दिए निर्देश     ||   भारत ने टॉस जीता फील्डिंग करने का फैसला     ||   उपेन्द्र राय मनी लाउंड्रिंग मामले में सीबीआई ने 2 अधिकारियों को गिरफ्तार किया     ||

पार्टी से बगावत नेताओं को पड़ी महंगी, शरद यादव और अली अनवर की राज्यसभा की सदस्यता गई

अंग्वाल न्यूज डेस्क
पार्टी से बगावत नेताओं को पड़ी महंगी, शरद यादव और अली अनवर की राज्यसभा की सदस्यता गई

नई दिल्ली। पार्टी से बगावत करने वाले जदयू के नेता शरद यादव और अली अनवर की राज्य सभा की सदस्यता खत्म कर दी गई है। ऐसे में अब यह सवाल उठ रहा है कि इन दोनों की जगह पार्टी किसे राज्य सभा में भेजेगी। बता दें कि शरद यादव का राज्यसभा का कार्यकाल 8 जुलाई 2016 से 7 जुलाई 2022 था। अब उनकी सदस्यता खत्म होने के बाद किसी का चुना जाना तय है।

त्यागी और संजय झा की दावेदारी

गौरतलब है कि शरद यादव की जगह कई लोगों को दावेदार माना जा रहा है इसमें मुख्य नाम जदयू के राष्ट्रीय महासचिव के सी त्यागी और संजय झा का सबसे आगे माना जा रहा है। बता दें कि इन दोनों को नीतीश कुमार का काफी करीबी माना जाता है और पार्टी के लिए दोनों कई बार संकटमोचक साबित हुए हैं। आपको बता दें कि इससे पहले जुलाई 2016 में भी राज्यसभा के दो सीटों के लिए के सी त्यागी और संजय झा मजबूत दावेदार थे लेकिन पार्टी ने शरद यादव और आरसीपी सिंह पर भरोसा जताया था।

ये भी पढ़ें - दक्षिण भारत के बाद ‘ओखी’ ने किया पश्चिम का रुख, गुजरात में चुनाव प्रचार प्रभावित


अली अनवर की जगह इनकी संभावना

यहां गौर करने वाली बात है कि शरद यादव के साथ अली अनवर की भी राज्यसभा सदस्यस्ता खत्म कर दी गई है लेकिन उनका कार्यकाल 2 अप्रैल 2018 को समाप्त हो रहा है और ऐसे में उनकी सीट पर चुनाव होने की उम्मीद नहीं है। बिहार जदयू के अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह के अलावा अनिल कुमार साहनी और डॉ महेंद्र प्रसाद का भी अप्रैल 2018 में राज्यसभा सीट का कार्यकाल खत्म हो रहा है। क्या पार्टी इन लोगों को दोबारा राज्यसभा भेज पाएगी?

 

Todays Beets: