Tuesday, November 21, 2017

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सहवाग ने बाल दिवस पर भारत के 12 वर्षीय सबसे छोटे शहीद बाजी राउत की कहानी देशवासियों के सामने रखी

अंग्वाल न्यूज डेस्क
सहवाग ने बाल दिवस पर भारत के 12 वर्षीय सबसे छोटे शहीद बाजी राउत की कहानी देशवासियों के सामने रखी

नई दिल्ली । अमूमन अपने व्यंग से बड़ी बड़ी बातें बड़े ही सहज भाव से कह देने वाले और चुटीली बातों से अपने प्रशंसकों का दिल जीतने वाले मुलतान के सुलतान यानी वीरेंद्र सहवाग ने मंगलवार को बाल दिवस के मौके पर सहवाग के ट्वीट देख कई लोग सोच में पड़ गए। असल में वीरू ने बाल दिवस के मौके पर एक ऐसे बच्चे का जिक्र किया, जो भारत का सबसे छोटा शहीद है। हालांकि दुखद बात ये कि उसके बारे में अधिकांश भारतीयों को पता ही नहीं था। 

 

 

 


बता दें कि सहवाग ने बाल दिवस के मौके पर ट्वीट कर शहीद बाजी राऊत का जिक्र किया। सहवाग ने अपने टि्वटर पर एक के बाद एक चार ट्वीट किए हैं। इन ट्वीट्स के जरिए वीरूप ने देश के सबसे छोटे शहीद की कहानी बयां की और साथ ही यह संदेश भी दिया है कि हमें इनकी कुर्बानी को कभी नहीं भूलना चाहिए।  

 

 

बता दें कि बाजी राउत ओडिशा के ढंकेनाल जिले के नीलकंठपुर गांव का रहने वाला था। उसने मात्र 12 साल की उम्र में ही अदम्य साहस और शौर्य का परिचय दिया और देश के लिए शहीद हो गया। असल में अंग्रेजों की गुलामी के दौर में जब लोग उनके सामने सिर उठाने में डरते थे। उस दौरान बाजी राउत के मन में देशभक्ति कूट-कूटकर भरी हुई थी। मात्र 12 साल की उम्र में ही बाजी के मन में अपनी मातृभूमि और देशप्रेम की ललक जाग चुकी थी। उसके मन में अंग्रेजों के प्रति काफी गुस्सा था। 

अमूमन बाजी अग्रेंजों का कहना नहीं मानता था। वह उनके आदेश की नाफरमानी करते हुए भारत माता की जय के नारे लगाता। ऐसे ही 11 नवंबर 1938 के दिन जब अंग्रेजों के कहे को बाजी ने मानने से इनकार कर दिया और भारत माता की जय के नारे लगाने लगा तो अग्रेजों ने उनपर गोली चला दी। गोली बाजी का सीना चीरते हुए निकल गई और बाजी अपने देश के लिए शहीद हो गया।

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