Monday, November 19, 2018

Breaking News

   एसबीआई ने क्लासिक कार्ड से पैसे निकालने के बदले नियम    ||   बाजार में मंगलवार को आई बहार, सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त     ||   हिंदूराव अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में निकला सांप , हंगामा     ||   सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के आरोपों के बाद हो सकता है उनका लाइ डिटेक्टर टेस्ट    ||   देहरादून की मॉडल ने किया मुंबई में हंगामा , वाचमैन के साथ की हाथापाई , पुलिस आई तो उतार दिए कपड़े     ||   दंतेवाड़ा में नक्सली हमला, दो जवान शहीद , दुरदर्शन के कैमरामैन की भी मौत     ||   सेना हर चुनौती से न‍िपटने के ल‍िए तैयार, सर्जिकल स्ट्राइक भी व‍िकल्‍प: रणबीर सिंह    ||   BJP विधायक मानवेंद्र ने बदला पाला, राज्यवर्धन बोले- कांग्रेस ने 70 साल में मंत्री नहीं बनाया    ||   सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर छिड़ी जंग, हिरासत में 30 प्रदर्शनकारी    ||   विवेक तिवारी हत्याकांडः HC की लखनऊ बेंच ने CBI जांच की मांग ठुकराई    ||

हैदराबाद विस्फोट मामले में मेट्रोपोलिटन सेशन न्यायालय ने सुनाया फैसला, 2 को सजा ए मौत और 1 को आजीवन कारावास

अंग्वाल न्यूज डेस्क
हैदराबाद विस्फोट मामले में मेट्रोपोलिटन सेशन न्यायालय ने सुनाया फैसला, 2 को सजा ए मौत और 1 को आजीवन कारावास

नई दिल्ली। हैदराबाद में हुए दोहरे बम विस्फोट मामले में मेट्रोपोलिटन सेशन न्यायालय ने तीनों दोषियों को सजा सुना दी है। अदालत ने 2 दोषियों को मौत की सजा और तीसरे दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। बताया जा रहा है कि विस्फोट करने वाले इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी तारिक अंजुम को दोषी करार देते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा 2 अन्य आरोपियों अनीक शफीक सैयद और अकबर इस्माइल चौधरी को सजा-ए-मौत दी गई है।

गौरतलब है कि तारिक अंजुम पर विस्फोट में शामिल आतंकियों को प्रश्रय देने का आरोप लगा था और अदालत ने उसे पिछले सप्ताह दोषी करार दिया है। गौर करने वाली बात है कि 2007 में हुए इस विस्फोटों मंे 42 लोगों की जान चली गई थी। 

यहां बता दें कि 25 अगस्त 2007 को हैदराबाद के गोकुल चाट नाम के दुकान के पास हुए धमाके में 32 लोगों की जानें गईं थीं जबकि लुंबिनी पार्क में हुए विस्फोट में 10 लोगों ने जान गंवाई थी। दोनों बम विस्फोट में 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। अनीक पर ही लुंबिनी पार्क में बम रखने का आरोप है। इन लोगों को अक्टूबर 2008 में महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ते ने इन्हें गिरफ्तार किया था।


ये भी पढ़ें - हंदवाड़ा में सुरक्षाबलों ने लश्कर के 2 आतंकी को उतारा मौत के घाट, हथियार भी बरामद

गौर करने वाली बात है कि अदालत ने 2 आरोपियों फारूक और सादिक को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था। इस मामले में 3 अन्य आरोपी में इंडियन मुजाहिद्दीन का सरगना रियाज भटकल और उसका भाई इकबाल भटकल अभी भी फरार हैं।

Todays Beets: