Sunday, October 21, 2018

Breaking News

   सेना हर चुनौती से न‍िपटने के ल‍िए तैयार, सर्जिकल स्ट्राइक भी व‍िकल्‍प: रणबीर सिंह    ||   BJP विधायक मानवेंद्र ने बदला पाला, राज्यवर्धन बोले- कांग्रेस ने 70 साल में मंत्री नहीं बनाया    ||   सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर छिड़ी जंग, हिरासत में 30 प्रदर्शनकारी    ||   विवेक तिवारी हत्याकांडः HC की लखनऊ बेंच ने CBI जांच की मांग ठुकराई    ||   केरलः अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद ने सबरीमाला फैसले के खिलाफ HC में लगाई याचिका    ||   कोलकाताः HC ने दुर्गा पूजा आयोजकों को ममता के 28 करोड़ देने के फैसले पर रोक लगाई    ||    रूस के साथ S-400 एयर डिफेंस मिसाइल पर भारत की डील    ||   नार्वेः राजधानी ओस्लो में आज होगा शांति के नोबेल पुरस्कार का ऐलान    ||   अंकित सक्सेना मर्डर केसः ट्रायल के लिए अभियोगपक्ष के 2 वकीलों की नियुक्ति    ||   जम्मू कश्मीर में नेशनल कॉफ्रेंस के दो कार्यकर्ताओं की गोली मारकर हत्या, मरने वालों में एक MLA का पीए भी     ||

एससी, एसटी एक्ट उल्लंघन मामले पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, लोकसेवकों की गिरफ्तारी से पहले जांच जरूरी 

अंग्वाल न्यूज डेस्क
एससी, एसटी एक्ट उल्लंघन मामले पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, लोकसेवकों की गिरफ्तारी से पहले जांच जरूरी 

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी अधिनियम 1989 के मामले में मंगलवार को नया दिशा निर्देश जारी किया है।  कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी लोकसेवक की फौरन गिरफ्तारी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए पहले वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की निगरानी में इसकी जांच होनी चाहिए।  गौरतलब है कि एससी/एसटी एक्ट का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ दर्ज मामलों में किसी भी लोकसेवक की गिरफ्तारी से पहले न्यूनतम पुलिस उपाधीक्षक रैंक के अधिकारी द्वारा प्राथमिक जांच जरूर कराई जानी चाहिए। इस मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति आदर्श गोयल और न्यायमूर्ति यू. यू. ललित की पीठ ने कहा कि लोक सेवकों के खिलाफ एससी/एसटी कानून के तहत दर्ज मामलों में अग्रिम जमानत देने पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं है।  पीठ ने यह भी कहा कि एससी/एसटी कानून के तहत दर्ज मामलों में सक्षम प्राधिकार की अनुमति के बाद ही किसी लोक सेवक को गिरफ्तार किया जा सकता है।

 

ये भी पढ़ें - हवाई यात्रियों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, इंडिगो के बाद अब एयर इंडिया और जेट एयरवेज के विमानों...


 

बता दें कि महाराष्ट्र की एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने ये अहम फैसला सुनाया है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने इस दौरान कुछ सवाल भी उठाए। गौरतलब है कि एससी/एसटी एक्ट के तहत कई मामले फर्जी भी सामने आ चुके हैं। लोगों का आरोप है कि कुछ लोग अपने फायदे और दूसरों को नुकसान पहुंचाने के लिए इस कानून का दुरुपयोग कर रहे हैं जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया था।

 

Todays Beets: