Saturday, April 21, 2018

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एससी, एसटी एक्ट उल्लंघन मामले पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, लोकसेवकों की गिरफ्तारी से पहले जांच जरूरी 

अंग्वाल न्यूज डेस्क
एससी, एसटी एक्ट उल्लंघन मामले पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, लोकसेवकों की गिरफ्तारी से पहले जांच जरूरी 

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी अधिनियम 1989 के मामले में मंगलवार को नया दिशा निर्देश जारी किया है।  कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी लोकसेवक की फौरन गिरफ्तारी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए पहले वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की निगरानी में इसकी जांच होनी चाहिए।  गौरतलब है कि एससी/एसटी एक्ट का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ दर्ज मामलों में किसी भी लोकसेवक की गिरफ्तारी से पहले न्यूनतम पुलिस उपाधीक्षक रैंक के अधिकारी द्वारा प्राथमिक जांच जरूर कराई जानी चाहिए। इस मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति आदर्श गोयल और न्यायमूर्ति यू. यू. ललित की पीठ ने कहा कि लोक सेवकों के खिलाफ एससी/एसटी कानून के तहत दर्ज मामलों में अग्रिम जमानत देने पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं है।  पीठ ने यह भी कहा कि एससी/एसटी कानून के तहत दर्ज मामलों में सक्षम प्राधिकार की अनुमति के बाद ही किसी लोक सेवक को गिरफ्तार किया जा सकता है।

 

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बता दें कि महाराष्ट्र की एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने ये अहम फैसला सुनाया है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने इस दौरान कुछ सवाल भी उठाए। गौरतलब है कि एससी/एसटी एक्ट के तहत कई मामले फर्जी भी सामने आ चुके हैं। लोगों का आरोप है कि कुछ लोग अपने फायदे और दूसरों को नुकसान पहुंचाने के लिए इस कानून का दुरुपयोग कर रहे हैं जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया था।

 

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