Friday, December 15, 2017

Breaking News

   पशु तस्करों और पुलिस में मुठभेड़, जवाबी गोलीबारी में एक मरा, घायल गायें बरामद    ||   RTI में खुलासा- भगत सिंह-राजगुरु-सुखदेव को अब तक नहीं मिला शहीद का दर्जा, सरकारी किताब में बताया गया 'आतंकी'     ||    गुजरात चुनाव: रैली में बोले BJP नेता- दाढ़ी-टोपी वालों को कम करना पड़ेगा, डराने आया हूं ताकि वो आंख न उठा सकें    ||   मध्य प्रदेश: बाबरी विध्वंस पर जुलूस निकाल रहे विहिप-बजरंग दल कार्यकर्ता पर पथराव, भड़क गई हिंसा    ||   बैंक अकाउंट को आधार से जोड़ने की तारीख बढ़ी, जानिए क्या है नई तारीख    ||   पशु तस्करों और पुलिस में मुठभेड़, जवाबी गोलीबारी में एक मरा, घायल गायें बरामद     ||   अश्विन ने लगाया विकेटों का सबसे तेज 'तिहरा शतक', लिली को छोड़ा पीछे     ||   पूरा हुआ सपना चौधरी का 'सपना', बेघर होने के साथ बॉलीवुड से मिला बड़ा ऑफर    ||   PAK सरकार ने शर्तें मानीं, प्रदर्शन खत्म करने कानून मंत्री को देना पड़ा इस्तीफा    ||   मैदान पर विराट के आक्रामक रवैये पर राहुल द्रविड़ को सताई चिंता     ||

सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप सरकार के फैसले का किया समर्थन, 6 मुस्लिम देशों पर लग सकता है ट्रैवल बैन

अंग्वाल न्यूज डेस्क
सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप सरकार के फैसले का किया समर्थन, 6 मुस्लिम देशों पर लग सकता है ट्रैवल बैन

नई दिल्ली। अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप सरकार को एक बड़ा तोहफा दिया है। कोर्ट ने ट्रंप सरकार के ट्रैवल बैन का समर्थन करते हुए इसे जल्द लागू करने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के 9 में से 7 जजों ने इस फैसले पर अपनी रजामंदी जाहिर की है। इससे पहले निचली अदालतों ने इस बैन पर रोक लगाने का फैसला लिया था। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब 6 मुस्लिम देशों ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान, सीरिया और यमन पर इस बैन का असर पड़ने वाला है। 

निचली अदालत ने किया विरोध

गौरतलब है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने भले ही बैन का समर्थन किया है लेकिन अब ट्रंप सरकार के सामने कई कानूनी चुनौतियां भी हैं। अमेरिका में निचली अदालत ने मुस्लिम देशों पर ट्रैवल बैन का विरोध इसलिए किया था क्योंकि इसे मुस्लिम विरोधी माना जा रहा था। बता दें कि, डोनल्ड ट्रंप ने जनवरी 2017 में पदभार संभालते ही नई ट्रैवल पॉलिसी लागू की थी और एक्जीक्यूटिव ऑर्डर नंबर 13769 पर दस्तखत किए थे, जिसे अमेरिका में विदेशी आतंकियों के एंट्री रोकने वाला आदेश कहा गया था। 

ये भी पढ़ें - पार्टी से बगावत नेताओं को पड़ी महंगी, शरद यादव और अली अनवर की राज्यसभा की सदस्यता गई


आतंकियों पर रोक लगाना मकसद

आपको बता दें कि निचली अदालतों ने 6 मार्च को रोक लगा दी थी और 6 मुस्लिम देशों के नागरिकों को अमेरिका में घुसने से मना कर दिया था। बता दें कि इससे पहले भी अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन को राहत देते हुए ट्रंप प्रशासन की शरणार्थियों को लेकर प्रतिबंध की नीति को यथास्थिति बनाए रखने की अनुमति दी थी। इसके बाद निचली अदालत ने फैसले में ढील देते हुए अक्टूबर में शरणार्थियों को अमेरिका में प्रवेश करने की अनुमति दे दी थी। विदेशों से आतंकी अमेरिका में न घुस पाएं इसी वजह से ट्रंप सरकार ने यह फैसला लिया था।

 

Todays Beets: