Saturday, December 16, 2017

Breaking News

   पशु तस्करों और पुलिस में मुठभेड़, जवाबी गोलीबारी में एक मरा, घायल गायें बरामद    ||   RTI में खुलासा- भगत सिंह-राजगुरु-सुखदेव को अब तक नहीं मिला शहीद का दर्जा, सरकारी किताब में बताया गया 'आतंकी'     ||    गुजरात चुनाव: रैली में बोले BJP नेता- दाढ़ी-टोपी वालों को कम करना पड़ेगा, डराने आया हूं ताकि वो आंख न उठा सकें    ||   मध्य प्रदेश: बाबरी विध्वंस पर जुलूस निकाल रहे विहिप-बजरंग दल कार्यकर्ता पर पथराव, भड़क गई हिंसा    ||   बैंक अकाउंट को आधार से जोड़ने की तारीख बढ़ी, जानिए क्या है नई तारीख    ||   पशु तस्करों और पुलिस में मुठभेड़, जवाबी गोलीबारी में एक मरा, घायल गायें बरामद     ||   अश्विन ने लगाया विकेटों का सबसे तेज 'तिहरा शतक', लिली को छोड़ा पीछे     ||   पूरा हुआ सपना चौधरी का 'सपना', बेघर होने के साथ बॉलीवुड से मिला बड़ा ऑफर    ||   PAK सरकार ने शर्तें मानीं, प्रदर्शन खत्म करने कानून मंत्री को देना पड़ा इस्तीफा    ||   मैदान पर विराट के आक्रामक रवैये पर राहुल द्रविड़ को सताई चिंता     ||

विश्व बैंक ने भी मोदी सरकार के जीएसटी पर साधा निशाना, अर्थव्यवस्था में गिरावट का बताया कारण

अंग्वाल न्यूज डेस्क
विश्व बैंक ने भी मोदी सरकार के जीएसटी पर साधा निशाना, अर्थव्यवस्था में गिरावट का बताया कारण

नई दिल्ली । भारतीय अर्थव्यवस्था में गिरावट को लेकर बयान देने  वाली अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में अब विश्व बैंक भी जुड़ गया है। विश्व बैंक ने बुधवार को कहा कि 2017 में भारत की अर्थव्यवस्था की वृद्ध‍ि दर की रफ्तार 7.0 फीसदी रह सकती है, जो 2015 के 8.6 फीसदी के अनुमान से 1.5 फीसदी कम है। विश्व बैंक ने भारत में अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर में गिरावट के लिए देश में मोदी सरकार द्वारा की गई नोटबंदी और उसके तत्काल बाद लागू किए गए गुड्स एंड सर्विंस टैक्स (GST) को जिम्मेदार बताया है। विश्व बैंक ने कहा कि इस सब के चलते आने वाले समय में भी भारत में निवेश पर असर पड़ सकता है। इसका असर सीधे तौर पर अर्थव्यवस्था की वृद्ध‍ि दर में गिरावट के रूप में पड़ेगा। 

ये भी पढ़ें- कुछ डॉक्टर-इंजीनियर और सरकारी अफसर भी गांव में रहें तो बदल जाएगी देश की सूरत - पीएम मोदी

बता दें कि हाल में विश्व बैंक ने 'दक्षिण एशिया इकोनॉमिक फोकस' शीर्षक से एक रिपोर्ट में अनुमान लगाया है कि आने वाले समय में भारत की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर में गिरावट आएगी। बैंक का कहना है कि भारत में यह स्थिति पिछले साल मोदी सरकार द्वारा लागू की गई नोटबंदी के बाद पैदा हुए हालात और हाल में जुलाई से देश में गुड्स एंड सर्विस टैक्स की व्यवस्था लागू किए जाने से हुई है। बैंक का कहना है कि भारत की दूसरी छमाई में भी इसका प्रभाव देखने को मिलेगा, हालांकि इसके बाद हालात में सुधार नजर आएगा। 


ये भी पढ़ें- नाबालिग पत्नी के साथ शारीरिक संबंध बनाना रेप माना जाएगा - सुप्रीम कोर्ट

विश्व बैंक के अनुसार, GST लागू किए जाने के बाद से भारत में मैन्युफैक्चरिंग और सेवाएं व्यापक स्तर पर प्रभावित हुई हैं। व्यापार प्रभावित होने के साथ ही कई व्यापार का साइज भी छोटा हो गया है। ऐसी स्थिति आने वाले कुछ समय तक और रहेगी। वर्ष 2018 की शुरुआत तक परेशानी रहेगी, लेकिन इसके बाद हालात सुधरने लगेंगे। 

Todays Beets: