Sunday, February 18, 2018

Breaking News

   98 साल की उम्र में MA करने वाले राज कुमार का संदेश, कहा-हमेशा कोशिश करते रहें     ||   मुंबई स्टॉक एक्सचेंज ने पार किया 34000 का आंकड़ा, ऑफिस में जश्न का माहौल     ||   पं. बंगाल: मालदा से 2 लाख रुपये के फर्जी नोट बरामद, एक गिरफ्तार    ||   सेक्स रैकेट का भंड़ाभोड़: दिल्ली की लेडी डॉन सोनू पंजाबन अरेस्ट    ||   रूपाणी कैबिनेट: पाटीदारों का दबदबा, 1 महिला को भी मंत्रिमंडल में मिली जगह    ||   पशु तस्करों और पुलिस में मुठभेड़, जवाबी गोलीबारी में एक मरा, घायल गायें बरामद    ||   RTI में खुलासा- भगत सिंह-राजगुरु-सुखदेव को अब तक नहीं मिला शहीद का दर्जा, सरकारी किताब में बताया गया 'आतंकी'     ||    गुजरात चुनाव: रैली में बोले BJP नेता- दाढ़ी-टोपी वालों को कम करना पड़ेगा, डराने आया हूं ताकि वो आंख न उठा सकें    ||   मध्य प्रदेश: बाबरी विध्वंस पर जुलूस निकाल रहे विहिप-बजरंग दल कार्यकर्ता पर पथराव, भड़क गई हिंसा    ||   बैंक अकाउंट को आधार से जोड़ने की तारीख बढ़ी, जानिए क्या है नई तारीख    ||

कैशलेस अर्थव्यवस्था भारत को पड़ सकती है भारी, लगातार बढ़ रहे हैं साइबर हमले

अंग्वाल संवाददाता
कैशलेस अर्थव्यवस्था भारत को पड़ सकती है भारी, लगातार बढ़ रहे हैं साइबर हमले

नई दिल्ली। देश में जैसे-जैसे कैशलेस अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है, वैसे ही धीरे-धीरे साइबर खतरे भी बढ़ते जा रहे हैं। पिछले पांच सालों में बैंकिंग सिस्टम में साइबर हमलों की घटनाओं की संख्या उच्चस्तर पर पहुंच गई है। एसोचैम और पीडब्ल्यूसी द्वारा किए गए एक अध्ययन से प्राप्त जानकारी में बताया गया है कि पिछले साल हैकर्स ने अक्टूबर में भारतीय बैंकों के एटीएम कार्ड को निशाना बनाया था, जिससे करीब 32 लाख डेबिट कार्ड प्रभावित हुए थे।रिसर्च में बताया है कि व्यवसायों और व्यक्तियों द्वारा साइबर सुरक्षा को मजबूत करने की जरूरत बढ़ गई है।'

यह भी पढ़ेसामाजिक कार्यकर्ता तृप्ति देसाई पर मारपीट—लूटपाट का मामला दर्ज, महिलाओं को हक ​दिलाने के लिए जानी जाती हैं तृप्ति

रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक पिछले चार सालों में भारतीय वेबसाइटों पर हमला पांच गुना बढ़ा है। हालांकि साइबर सुरक्षा के लिए देश का बजटीय आवंटन वित्त वर्ष 2012-13 में करीब 42.2 करोड़ रुपये था। आंकड़ों के अनुसार  साइबर हमलों के खतरों के बावजूद वित्त वर्ष 2012-13 में साइबर सुरक्षा पर 42.2 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। जो कि वित्त वर्ष 2010-11 की तुलना में 19 फीसदी अधिक है। जबकि अमेरिका इस मामले में 65.8 करोड़ डॉलर और यूएस-सीईआरटी 9.3 करोड़ डॉलर खर्च करता है।'


यह भी पढ़े-  सुखोई—30 विमान हादसे में शहीद पायलट के पिता ने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर की हादसे की जांच की मांग

 आपको बता दें कि अध्ययन में यह भी बताया गया कि नोटबंदी के प्रभाव के कारण ई-वॉलेट सेवाएं और मोबाइल वॉलेट एप डाउनलोड में भारी वृद्धि हुई है। एसोचैम के महासचिव डी. एस. रावत ने कहा, 'भारत जैसे-जैसे कैशलेस अर्थव्यवस्था की तरफ बढ़ रहा है, वैसै-वैसे साइबर हमलों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। इसलिए हमें इसे निपटने के लिए तत्काल और बढ़े कदम उठाने पडेंगे।'

Todays Beets: