Thursday, November 23, 2017

Breaking News

   मैदान पर विराट के आक्रामक रवैये पर राहुल द्रविड़ को सताई चिंता     ||   अजहर को अंतर्राष्ट्रीय आतंकी घोषित नहीं करेगा चीन, प्रस्ताव पर रोक लगाने के संकेत     ||   दुनिया की सबसे लंबी सुरंग बनाकर चीन अब ब्रह्मपुुत्र नदी का पानी रोकने का बना रहा है प्लान     ||   पीएम मोदी को शीला दीक्षित ने दिया जवाब- हमने नहीं भुलाया पटेल का योगदान    ||   पटना पहुंचे मोहन भागवत, यज्ञ में भाग लेने जाएंगे आरा, नीतीश भी जाएंगे    ||   अखिलेश को आया चाचा शिवपाल का फोन, कहा- आप अध्यक्ष हैं आपको बधाई    ||   अमेरिका में सभी श्रेणियों में H-1B वीजा के लिए आवश्यक कार्रवाई बहाल    ||   रोहिंग्या पर किया वीडियो पोस्ट, म्यांमार की ब्यूटी क्वीन का ताज छिना    ||   अब गेस्ट टीचरों को लेकर CM केजरीवाल और LG में ठनी    ||   केरल में अमित शाह के बाद योगी की पदयात्रा, राजनीतिक हत्याओं पर लेफ्ट को घेरने की रणनीति    ||

आपके मोबाईल फोन से पैसे चुरा रहा है नया मालवेयर वायरस 

अंग्वाल संवाददाता
आपके मोबाईल फोन से पैसे चुरा रहा है नया मालवेयर वायरस 

नई दिल्ली। देश में एक नए मालवेयर कैफेकॉपी ट्रोजन का पता लग है। यह मालवेयर बिना  यूजर की जानकारी के उसके फौन से पैसे चुरा रहा है। साइबर सुरक्षा कंपनी कैस्परस्काई ने अपनी रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस मालवेयर के करीब 40 फीसदी शिकार हुए लोग भारत के हैं। कैस्परस्काई लैब विशेषज्ञों ने पर्दाफाश किया है कि यह मोबाईल मालवेयर वैप बिलिंग भुगतान प्रणाली को निशाना बना रहा है। यह मालवेयर फोन के खाते से पैसे गायब कर रहा है। कैफेकॉपी ट्रोजन मालवेयर बैटरीमास्टर जैसे उपयोगी एप में छिपा होता है। ट्रोजन डिवाइसमें गोपनीय रूप से डाटा चुराने वाला कोड लोड कर देता है। 

यह भी पढ़े-  जियो के आने से एक साल में 98 फीसदी सस्ता हुआ है Internet Data pack

 

रिपोर्ट के अनुसार, एप के एक बार सक्रिय हो जाने पर कैफेकॉपी मालवेयर वायरलेस एप्लीकेशन प्रोटोकॉल बिलिंग के साथ वेब पेज पर क्लिक करता है। 


यह भी पढ़े- आपके फेसबुक प्रोफाइल को कौन देखता है चुपके-चुपके, जानने के लिए फोलो करें ये दो स्टेप

4800 से अधिक लोग शिकार 

एक महीने में कैफेकॉपी ट्रोजन ने 47 देशों में 4800 से अधिक उपभोक्ताओं को निशाना बनाया गया है। इन देशों में भारत, रूस, तुर्की और मैक्सिको आदि भी शामिल है। कैस्परस्काई लैब प्रोडक्ट ने 37.5 हमलों का पता लगाकर ब्लाॉक किया।  

Todays Beets: