Tuesday, August 22, 2017

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Smartphone ने बदल दिया लोगों के चलने का तरीका, जानिए क्या आईं खामियां

अंग्वाल संवाददाता
Smartphone ने बदल दिया लोगों के चलने का तरीका, जानिए क्या आईं खामियां

आज का युग काफी हद तक सोशल मीडिया युग के रूप में तब्दील हो रहा है। लोग दिन ब दिन इसके आदि होते जा रहे हैं। अमूमन लोग सड़कों पर चलते हुए भी अपने स्मार्टफोन में ही व्यस्त नजर आने लगे हैं, जिसके चलते वह अपने आसपास के अवरोधों की भी अनदेखी कर देते हैं, जो एक चिंता का विषय है।हाल ही में हुए एक अध्ययन में पाया गया कि लोगों के स्मार्टफोन चलाने का ढंग बदल रहा है, जिससे उनकी चलने की सामान्य रफ्तार काफी प्रभावित हो रही है। अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया है कि लोग रास्तों पर चलते समय भी अपने फोन में इतने व्यस्त रहते हैं कि उन्हें अपने आसपास की गतिविधियों पर ध्यान नहीं जाता।

 ब्रिटेन की एंग्लिया यूनिवर्सिटी  के शोधकर्ताओं ने पाया हैं कि लोग मोबाइल फोन में इतने खोये हुए होते हैं कि वह अपने रास्ते में आ रहे अवरोध को कम सतर्कता से देखते हैं , जिससे रोड की दुर्घटनाओं की संभवानाएं बढ़ जाती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक रास्ते में फोन इस्तेमाल करते समय अवरोध पर नजर डालने वाले लोगों की संख्या में 61 फीसदी की कमी आ जाती है। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं...

फोन में उलझी हुई नजर

 

शोधकर्ताओं ने अध्ययन में पाया कि लोगों के मोबाइल फोन पर कोई मैसेज पढ़ने या बात करने की तुलना में मैसेज को टाइप करते समय उनके फोन में खो जाने का सीधा असर उनकी रफ्तार और चलने के ढंग पर पड़ रहा है। बताया गया कि जब कोई व्यक्ति रास्ते में चलते समय फोन पर मैसेज टाइप कर रहा होता है तो वह अपने पैरों को सामान्य की तुलना में 18 फीसदी ऊंचा उठाता है। उसकी चलने की रफ्तार भी सामान्य रफ्तार के मुकाबले 40 फीसदी तक धीमी हो जाती है। किसी मैसेज को पढ़ने या फोन पर बात करने के दौरान यह और कम हो सकती है। 

अपर्याप्त सावधानी


 

शोधकर्ताओं ने बताया कि रास्ते में चलते हुए मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने वाले लोग खुद यह समझते हैं कि वह चलते हुए सावधानी बरत रह हैं। इसके लिए वह अपने चलने का एक तरीका अपनाते हैं। ऐसे में वे चलते समय कदम बढ़ाने के दौरान अपने पैरों को सामान्य की तुलना में अधिक ऊंचा उठाते हैं और सामान्य रफ्तार के मुकाबले धीमा चलने लगते हैं। ताकि वह रास्ते में पैदा अवरोध के जोखिम से बच सकें। 

टकराने की आशंका

शोधकर्ता मैथ्यू का कहना है कि हमारे नतीजों ने दिखाया है कि जब लोग चलते हुए फोन का इस्तेमाल करते हैं तब वह सावधानी बरतने की कोशिश करते हैं, लेकिन इसके बावजूद दुर्घटनाओं की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। रास्ते में अचानक होने वाले अवरोध के प्रति वह सचेत नहीं रह पाते हैं और उनकी राह में किसी भी वाहन और राहगीर से टकराने की संभवनाएं बढ़ जाती हैं।

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