Tuesday, August 14, 2018

Breaking News

   मंगल ग्रह पर आशियाना बनाएगा इंसान, वैज्ञानिकों को मिली पानी की सबसे बड़ी झील     ||   भाजपा नेता का अटपटा ज्ञान, 'मृत्युशैया पर हुमायूं ने बाबर से कहा था, गायों का सम्मान करो'     ||   आज से एक हुए IDEA-वोडाफोन! अब बनेगी देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी     ||   गोवा में बड़ी संख्‍या में लोग बीफ खाते हैं, आप उन्‍हें नहीं रोक सकते: बीजेपी विधायक     ||   चीन फिर चल रहा 'चाल', डोकलाम में चुपचाप फिर शुरू कीं गतिविधियां : अमेरिकी अधिकारी     ||   नीरव मोदी, चोकसी के खिलाफ बड़ा एक्शन, 25-26 सितंबर को कोर्ट में पेश होने के आदेश     ||   जापान में फ़्लैश फ्लड से 200 लोगों की मौत     ||   देहरादून में जलभराव पर सरकार ने लिया संज्ञान अधिकारियों को दिए निर्देश     ||   भारत ने टॉस जीता फील्डिंग करने का फैसला     ||   उपेन्द्र राय मनी लाउंड्रिंग मामले में सीबीआई ने 2 अधिकारियों को गिरफ्तार किया     ||

दुनिया के सबसे छोटे कंप्यूटर का हुआ अविष्कार, कैंसर की जांच में होगा मददगार

अंग्वाल न्यूज डेस्क
दुनिया के सबसे छोटे कंप्यूटर का हुआ अविष्कार, कैंसर की जांच में होगा मददगार

नई दिल्ली । दुनिया में हर रोज नए नए आविष्कार होते रहते हैं । उसी तरफ दुनिया टेक्नोलॉजी में भी तेजी से आगे बढ़ रही है । रोजाना देश विदेश के वैज्ञानिक नई नई खोज, अविष्कार कर रहे हैं । इसी क्रम में अमेरिका ने भी हाल में एक नई टेक्नोलॉजी का अविष्कार किया है । अमेरिका ने दुनिया का सबसे छोटे कंप्यूटर तैयार कर टेक्नोलॉजी की दुनिया को एक नया तोहफा दिया है। साथ ही विज्ञान के क्षेत्र में भी यह एक नया अविष्कार है। कहा जा रहा है कि यह दुनिया का सबसे छोटा कंप्यूटर जो कैंसर कि बीमारी का पता लगाने के साथ ही उसके इलाज के नए दरवाजे खोलने में भी मददगार साबित होगा। 

अब मुफ्त में नहीं देख पाएगें यूट्यूब चैनल, चुकाने होंगे पैसे

बता दें कि दुनिया का सबसे छोटा कंप्यूटर केवल 0.3 मिलीमीटर का है । इसको बनाने वाली टीम का दावा है कि यह कई काम करने के लिए मददगार साबित होगा । इस से काफी तरह के काम और उद्देश्यों को पूर्ण किया जा सकता है । इसको बनाने वाली टीम ने अभी इसे तापमान मापदंड स्पष्टता को जानने के लिए इस्तेमाल किया है ।

आनंद महिंद्रा बोले- हम ला रहे है स्वदेशी सोशल मीडिया नेटवर्क 'पीपल' , डेटा लीक की नहीं होगी गुंजाइश


कुछ अध्ययनों से पता चला है कि सामान्य टिश्यू के मुकाबले ट्यूमर ज्यादा गर्म होते हैं, इस बात को साबित करने के लिए प्रयाप्त आकड़े नहीं हैं । अमेरिका कि मिशिगन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डेविड ब्लाऊ ने कहा है कि वह इस बात के लिए अभी आश्वस्त नहीं है कि इसे कंप्यूटर कहा जाना चाहिए या नहीं परन्तु यह कंप्यूटर की तरह डिस्चार्ज भी होंगे। साथ ही इनकी डाटा प्रोग्रामिंग भी समाप्त होगी । इतना ही नहीं इस नए अविष्कार के बारे में कहा जा रहा है कि यह दुनिया में तेज से फैल रहे कैंसर क जांच में भी अहम भूमिका निभा सकता है। 

गूगल इंडिया लेकर आया neighbourly एप,  अब जानकारियां पाना होगा और भी आसान

बहरहाल, अभी इसको लेकर कई अन्य तरह के प्रयोग किए जा रहे हैं, आने वाले समय में इससे जुड़ी कई और जानकारी इसे बनाने वाली टीम मीडिया के साथ साझा करेगी।  

Todays Beets: