Thursday, November 22, 2018

Breaking News

   ऑस्ट्रेलिया के PM मॉरिशन बोले- भारत दुनिया की सबसे तेजी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्था     ||   पश्चिम बंगालः सिलीगुड़ी की तीस्ता नहर में 4 जिंदा मोर्टार सेल बरामद     ||   मुजफ्फरपुर बालिका गृहकांडः कोर्ट ने मंजू वर्मा को 1 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा     ||   करतारपुर साहिब कॉरिडोर को मंजूरी देने पर CM अमरिंदर ने PM मोदी को कहा- शुक्रिया     ||   करतारपुर कॉरिडोर पर मोदी सरकार की मंजूरी के बाद बोला PAK- जल्द देंगे गुड न्यूज     ||   चौदह दिनों की न्यायिक हिरासत में बिहार की पूर्व मंत्री मंजू वर्मा, कोर्ट में किया था सरेंडर     ||   MP में चुनाव प्रचार के दौरान शख्स ने BJP कैंडिडेट को पहनाई जूतों की माला     ||   बेंगलुरु: गन्ना किसानों के साथ सीएम कुमारस्वामी की बैठक     ||   US में ट्रंप को कोर्ट से झटका, अवैध प्रवासियों को शरण देने से नहीं कर सकते इनकार    ||   एसबीआई ने क्लासिक कार्ड से पैसे निकालने के बदले नियम    ||

कोटा में पक्षी के अंड़े टूटने पर पंचों दे दिया ऐसा तुगलकी फरमान , प्रशासन में हड़कंप

अंग्वाल न्यूज डेस्क
कोटा में पक्षी के अंड़े टूटने पर पंचों दे दिया ऐसा तुगलकी फरमान , प्रशासन में हड़कंप

कोटा। राजस्थान के कोटा से एक ऐसी खबर आ रही है जिसने सभी लोगों को हैरत में डाल दिया है। दरअसल कोटा के बूंदी जिले में सरपंच द्वारा एक 5 साल की बच्ची को तुगलकी फरमान सुना दिया गया। पांच साल की इस बच्ची से 2 जुलाई को स्कूल के पास टिटहरी पक्षी के अंड़े गलती से टूट गए थे। इसके बाद गांव के बुजुर्गों की बैठक हुई और बच्ची को जाति बहिष्कार जैसी सजा सुना दी गई। इस सजा के बाद बच्ची के पिता ने इसका विरोध किया तो बच्ची की सजा को 2 दिन से बढ़ाकर 11 दिन कर दी गई।

ये भी पढ़े-छठ में अभी है वक्त लेकिन जाने वालों की अभी से बढ़ गई टेंशन

इस मामले की खबर पुलिस को लगते ही पंचो के खिलाफ कार्यवाही शुरू कर दी गई है। यहां तक की इस मामले में बाल संरक्षण आयोग की मनन चतुर्वेदी भी बच्ची के घर पहुंची और उन्होंने वहां जाकर स्थिति का जायजा लिया। इस मामले की जानकारी स्थानीय प्रशासन और हिंदोली तहसीलदार भगवान सिंह और एसएचओ लक्ष्मण शर्मा को मिली थी तो वो भी गांव पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने यहां समुदाय के सदस्यों को बताया था कि उनका फरमान कानून के विरुद्ध है।

ये भी पढ़े-मिस वर्ल्ड  मानुषी छिल्लर की राह में आया बड़ा रोड़ा, जाने क्या है कारण


गौरतलब है कि गांव के लोगों की यह मान्यता है कि जिस पक्षी के अंड़ों को बच्ची द्वारा नुकसान पहुंचाया गया वह बरसात की संदेशवाहक होती है। इसे या इस के अंड़ों को नुकसान पहुंचाने पर सजा दी जाती है। बच्ची के खिलाफ इस तरह का फरमान सुनाने के बाद पंचो ने उसके पिता से पंचायत के लिए नमकीन और चने के साथ बीड़ी का इंतजाम करने के लिए कहा था। बच्ची के पिता ने जब तय समय से ये सब देने से मना कर दिया तो पंच ने बच्ची की सजा को और बढ़ा दिया। बच्ची के पिता का आरोप है कि पंचायत की मांग पूरी ना करने के कारण मासूम की सजा को 2 दिन से बढ़ाकर 11 दिन कर दिया गया।

वहीं इस मामले पर आयोग गम्भीर है और बच्ची के परिवार को हर सम्भव मदद के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा पुलिस जल्द आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन पर उचित कार्रवाई करेगी।

 

 

Todays Beets: