Tuesday, March 26, 2019

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मोबाइल वॉलेट का इस्तेमाल करते हैं तो जान लें RBI की नई गाइडलाइन , फ्राड होने पर कंपनी करेगी रिफंड

अंग्वाल न्यूज डेस्क
मोबाइल वॉलेट का इस्तेमाल करते हैं तो जान लें RBI की नई गाइडलाइन , फ्राड होने पर कंपनी करेगी रिफंड

नई दिल्ली । अगर आप भी अपने मोबाइल में कोई मोबाइल वॉलेट एप को रखते हैं तो आपके लिए यह न्यूज काफी उपयोगी है। असल में मौजूदा दौर में कैशलेश ट्राजेक्शन को बढ़ावा देने के पिछले कुछ समय में कई मोबाइल वॉलेट वजूद में आए हैं। हालांकि इन मोबाइल वॉलेट पर कोई फर्जीवाड़ा न हो इसके लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने कुछ गाइडलाइन जारी की हैं। इसके तहत मोबाइल वॉलेट से होने वाले फ्रॉड लेनदेन की जिम्मेदारी अब वॉलेट कंपनियों की ही होगी। इतना ही नहीं ग्राहक को इस धोखाधड़ी से होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई भी मोबाइल वॉलेट कंपनी को करनी होगी। 

बता दें कि मोबाइल वॉलेट का उपयोग करने वाले लोगों को अनधिकृत लेनदेन और फर्जी ट्रांजेक्शन से सुरक्षा देने के लिए आरबीआई ने कुछ गाइडलाइन जारी की हैं। आरबीआई के ये नए नियम मोबाइल वॉलेट मसलन पेटीएम , गूगल पे , फोन-पे, फ्रीचार्ज जेसे प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट यानी पीपीआई पर लागू होंगे। 

चलिए अब बताते हैं कि RBI ने अपनी नई गाइडलाइन में क्या कहा है।

1-अगर किसी उपभोक्ता के मोबाइल व़ॉलेट से कोई फर्जी ट्रांजेक्शन या कोई फर्जी लेनदेन हुआ है तो इसकी सारी जि्म्मेदारी कंपनी की होगी। 

2- हालांकि उपभोक्ता को अपने साथ हुई धोखाधड़ी की जानकारी 3 दिन के भीतर मोबाइल वॉलेट कंपनी को देनी होगी।

3-समय रहते सूचना देने पर और  उपभोक्ता की कोई गलती न होने पर हुए नुकसान की भरपाई कंपनी को करनी होगी। 

4- अगर उपभोक्ता 4 से 7 दिन के भीतर अपने साथ हुई धोखाधड़ी की सूचना कंपनी को देती है तो कंपनी को या तो नुकसान की रकम के बराबर या अधिकतम  10 हजार रुप.ये तक की भरपाई करनी होगी।


5- अगर उपभोक्ता 7 दिनों के बाद अपने साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत करता है तो उसे कंपनी के नियमों के अऩुसार ही रिफंड दिया जाएगा। 

6- असल में आरबीआई ने अपनी गाइडलाइन में कहा है कि उपभोक्ताओं के लेनदेन से संबंधित SMS और ईमेल नोटिफिकेशन देने के लिए उपभोक्ता का मोबाइल नंबर और ईमेल जरूर रजिस्टर करनी होगी।

7- कंपनी को मोबाइल वॉलेट से होने वाली हर ट्रांजेक्शन की सूचना तुरंत दी जाए, ताकि फ्रॉड होने की सूरत में वह बिना समय गवाएं अपनी शिकायत कर सके।

8-उपभोक्ताओं के लिए कंपनी को एक 24 घंटे चलने वाली हेल्पलाइन देनी होगी, ताकि वह उसपर शिकायत दर्ज करा सके।

9- उपभोक्ता के साथ हुई धोखाधड़ी के बाद कंपनी को नुकसान की भरपाई 10 दिन के भीतर ही करनी होगी। विवाद होने पर अधिकतम 90 दिनों में इसे सुलझाना होगा। ऐसा न होने पर कंपनी को बाद में उपभोक्ता को नुकसान की पूरी भरपाई करनी होगी।

 

 

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