Sunday, February 25, 2018

Breaking News

   98 साल की उम्र में MA करने वाले राज कुमार का संदेश, कहा-हमेशा कोशिश करते रहें     ||   मुंबई स्टॉक एक्सचेंज ने पार किया 34000 का आंकड़ा, ऑफिस में जश्न का माहौल     ||   पं. बंगाल: मालदा से 2 लाख रुपये के फर्जी नोट बरामद, एक गिरफ्तार    ||   सेक्स रैकेट का भंड़ाभोड़: दिल्ली की लेडी डॉन सोनू पंजाबन अरेस्ट    ||   रूपाणी कैबिनेट: पाटीदारों का दबदबा, 1 महिला को भी मंत्रिमंडल में मिली जगह    ||   पशु तस्करों और पुलिस में मुठभेड़, जवाबी गोलीबारी में एक मरा, घायल गायें बरामद    ||   RTI में खुलासा- भगत सिंह-राजगुरु-सुखदेव को अब तक नहीं मिला शहीद का दर्जा, सरकारी किताब में बताया गया 'आतंकी'     ||    गुजरात चुनाव: रैली में बोले BJP नेता- दाढ़ी-टोपी वालों को कम करना पड़ेगा, डराने आया हूं ताकि वो आंख न उठा सकें    ||   मध्य प्रदेश: बाबरी विध्वंस पर जुलूस निकाल रहे विहिप-बजरंग दल कार्यकर्ता पर पथराव, भड़क गई हिंसा    ||   बैंक अकाउंट को आधार से जोड़ने की तारीख बढ़ी, जानिए क्या है नई तारीख    ||

इन बैंकों के ग्राहक बदल लें अपनी चेक बुक, 30 सितंबर के बाद चेक और आईएफएससी कोड नहीं होंगे मान्य

अंग्वाल न्यूज डेस्क
इन बैंकों के ग्राहक बदल लें अपनी चेक बुक, 30 सितंबर के बाद चेक और आईएफएससी कोड नहीं होंगे मान्य

नई दिल्ली । भारतीय स्टेट बैंक ने अपने ग्राहकों के लिए एक संदेश जारी किया है। हालांकि यह संदेश एसबीआई ने अपने पूर्व सहायक बैंकों के ग्राहकों को नई चेकबुक लेने के संदर्भ में किया है। बैंक ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर जानकारी देते हुए लिखा है कि 1 अप्रैल को जिन छह सहायक बैंकों का उसमें विलय हुआ है, उनकी पुरानी चेकबुक और उनकी शाखाओं के इंडियन फाइनेंशियल सिस्टम कोड (आईएफएससी) 30 सितंबर के बाद मान्य नहीं रहेंगे। ऐसे में समय रहते वह नई चैक बुक ले लें, नहीं तो आने वाले दिनों में उन्हें उन्हें बैंकिग संबंधी असुविधाओं का सामना करना पड़ सकता है। 

बता दें कि गत 1 अप्रैल से एसबीआई में स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद और भारतीय महिला बैंक का विलय हुआ था। अब SBI ने अपने इन सहायक बैंको से आए ग्राहकों को सूचना देते हुए कहा है कि वे इंटरनेट, मोबइल बैंकिंग, एटीएम या मुख्य शाखा जाकर नई चेकबुक लेने का अनुरोध करें। विदित हो कि एसबीआई ने 2016 में अपने पांच सहायक बैंकों और भारतीय महिला बैंक के विलय को मंजूरी दी थी। केंद्रीय कैबिनेट ने इस पर इस साल फरवरी में मुहर लगा दी। 

Todays Beets: