Monday, May 27, 2019

Breaking News

   अमित शाह बोले - साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के गोसडे पर दिए बयान से भाजपा का सरोकार नहीं    ||   भाजपा के संकल्प पत्र में आतंकवाद और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का वादा     ||   सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा चुनाव में ईवीएम और वीवीपैट के मिलान को पांच गुना बढ़ाया    ||    दिल्लीः NGT ने जर्मन कार कंपनी वोक्सवैगन पर 500 करोड़ का जुर्माना ठोंका     ||    दिल्लीः राहुल गांधी 11 मार्च को बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करेंगे     ||    हैदराबाद: टीका लगाने के बाद एक बच्चे की मौत, 16 बीमार पड़े     ||   मध्य प्रदेश के ब्रांड एंबेसडर होंगे सलमान खान, CM कमलनाथ ने दी जानकारी     ||   पाकिस्तान को FATF से मिली राहत, ग्रे लिस्ट में रहेगा बरकरार     ||   आय से अधिक संपत्ति केसः हिमाचल के पूर्व CM वीरभद्र सिंह के खिलाफ आरोप तय     ||   भीमा-कोरेगांव केसः बॉम्बे HC ने आनंद तेलतुंबड़े की याचिका पर सुनवाई 27 तक टाली     ||

देश का नाम रोशन करने वाली एथलीट का ‘योगी’ के सामने छलका दर्द, कहा-इनामी राशि वापस ले लो पर नौकरी दे दो

अंग्वाल न्यूज डेस्क
देश का नाम रोशन करने वाली एथलीट का ‘योगी’ के सामने छलका दर्द, कहा-इनामी राशि वापस ले लो पर नौकरी दे दो

लखनऊ। अपने खेल से पूरे देश का नाम रोशन करने वाली एथलीट रायबरेली की सुधा सिंह का दर्द मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने छलक पड़ा। सालों से नौकरी का इंतजार कर रही राष्ट्रमंडल व एशियाई खेलों की पदक विजेता सुधा सिंह ने सीएम से कहा कि ‘‘पूरी इनामी राशि वापस ले लीजिए, बस यूपी में एक नौकरी दे दीजिए।’’ इस पर मुख्यमंत्री ने सुधा को इनामी राशि का चेक देते हुए कहा कि यह तो तुम्हारा अधिकार है। जहां तक नौकरी का सवाल है तो इसके लिए प्रक्रिया चल रही है, नौकरी जरूर मिलेगी। इस मौके पर राज्यपाल राम नाइक भी मौजूद थे। 

गौरतलब है कि सम्मान समारोह के बाद एथलीट सुधा सिंह ने कहा कि इतने सालों से देश के लिए पदक जीतने के बाद भी एक नौकरी के लिए सिर्फ आश्वासन दिए जा रहे हैं। बता दें कि सुधा सिंह वर्तमान में सेंट्रल रेलवे, मुंबई में असिस्टेंट कॉमर्शियल मैनेजर (एसीएम) पर तैनात हैं। उनकी मांग है कि उन्हें अपने घर यानी की यूपी में ही नौकरी दी जाए। 

ये भी पढ़ें - आधी रात दिल्ली पहुंच किसानों ने खत्म किया अपना आंदोलन, कई मांगे अभी भी अधूरी 


यहां बता दें कि सुधा ने कहा- ‘‘32 साल की हो चुकी हूं। 2010 एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता। इस साल जकार्ता एशियन गेम्स में भी रजत पदक जीता। इस दौरान दो बार ओलंपिक में भी प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। क्या इतना काफी नहीं है, यूपी में जॉब पाने के लिए। पता नहीं अब मुझे और क्या साबित करना होगा।’’ सुधा सिंह ने कहा अब सीएम के सामने भी गुहार लगाई है देखें क्या होता है।

गौर करने वाली बात है कि भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष आनंदेश्वर पांडे ने नौकरी मांगने के सुधा सिंह के तरीके के सही नहीं माना है। उन्होंने कहा कि उनका भी मानना है कि एथलीट को यूपी में ही नौकरी मिले लेकिन इसकी एक प्रक्रिया होती है और उसके तहत इंतजार करना पड़ेगा। 

 

Todays Beets: