Tuesday, August 14, 2018

Breaking News

   मंगल ग्रह पर आशियाना बनाएगा इंसान, वैज्ञानिकों को मिली पानी की सबसे बड़ी झील     ||   भाजपा नेता का अटपटा ज्ञान, 'मृत्युशैया पर हुमायूं ने बाबर से कहा था, गायों का सम्मान करो'     ||   आज से एक हुए IDEA-वोडाफोन! अब बनेगी देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी     ||   गोवा में बड़ी संख्‍या में लोग बीफ खाते हैं, आप उन्‍हें नहीं रोक सकते: बीजेपी विधायक     ||   चीन फिर चल रहा 'चाल', डोकलाम में चुपचाप फिर शुरू कीं गतिविधियां : अमेरिकी अधिकारी     ||   नीरव मोदी, चोकसी के खिलाफ बड़ा एक्शन, 25-26 सितंबर को कोर्ट में पेश होने के आदेश     ||   जापान में फ़्लैश फ्लड से 200 लोगों की मौत     ||   देहरादून में जलभराव पर सरकार ने लिया संज्ञान अधिकारियों को दिए निर्देश     ||   भारत ने टॉस जीता फील्डिंग करने का फैसला     ||   उपेन्द्र राय मनी लाउंड्रिंग मामले में सीबीआई ने 2 अधिकारियों को गिरफ्तार किया     ||

श्रीराम की आरती करने वाली मुस्लिम महिलाओं को देवबंदी उलेमा का फरमान, इस्लाम से किया खारिज

अंग्वाल न्यूज डेस्क
श्रीराम की आरती करने वाली मुस्लिम महिलाओं को देवबंदी उलेमा का फरमान, इस्लाम से किया खारिज

नई दिल्ली। दिवाली के मौके पर श्रीराम की पूजा और आरती करना वाराणसी की कुछ मुस्लिम महिलाओं का भारी पड़ गया। देवबंदी उलेमा ने फतवा जारी करते हुए उन्हें इस्लाम से खारिज बताया है। उन्होंने महिलाओं को अल्लाह से माफी मांग दोबारा कलमा पढ़कर  इमान में दाखिल होने की हिदायत दी है। 

इस्लाम से खारिज

गौरतलब है कि वारणसी में एक संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम में नाजनीन अंसारी समेत कुछ मुस्लिम महिलाओं ने उर्दू में रचित श्रीराम की आरती और हनुमान चालीसा का पाठ किया था। इसी बात को लेकर मुस्लिम समाज के लोग नाराज हो गए। फतवा ऑनलाइन के संस्थापक मुफ्ती अरशद फारुकी समेत अन्य उलेमा-ए-कराम ने कहा कि जिन महिलाओं ने हिन्दु धर्म के तरीके को अपनाते हुए यह काम किया है वे इस्लाम से भी बाहर हैं क्योंकि इस्लाम धर्म में अल्लाह के सिवाय किसी दूसरे मजहब के साथ मोहब्बत और नरमी तो बरती जा सकती है लेकिन पूजा नहीं की जा सकती है।


ये भी पढ़ें - अफगानिस्तान में हुआ आत्मघाती हमला, 72 से ज्यादा लोगों की मौत

माफी मांगे महिलाएं

आपको बता दें कि मौलानाओं ने इन महिलाओं को अपनी गलती मानकर दोबारा कलमा पढ़कर कर इस्लाम में शामिल होने की हिदायत दी है। ऐसा करने के बाद ही उन्हें माफ कर इमान में दाखिल समझा जाएगा। 

Todays Beets: