Monday, November 19, 2018

Breaking News

   एसबीआई ने क्लासिक कार्ड से पैसे निकालने के बदले नियम    ||   बाजार में मंगलवार को आई बहार, सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त     ||   हिंदूराव अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में निकला सांप , हंगामा     ||   सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के आरोपों के बाद हो सकता है उनका लाइ डिटेक्टर टेस्ट    ||   देहरादून की मॉडल ने किया मुंबई में हंगामा , वाचमैन के साथ की हाथापाई , पुलिस आई तो उतार दिए कपड़े     ||   दंतेवाड़ा में नक्सली हमला, दो जवान शहीद , दुरदर्शन के कैमरामैन की भी मौत     ||   सेना हर चुनौती से न‍िपटने के ल‍िए तैयार, सर्जिकल स्ट्राइक भी व‍िकल्‍प: रणबीर सिंह    ||   BJP विधायक मानवेंद्र ने बदला पाला, राज्यवर्धन बोले- कांग्रेस ने 70 साल में मंत्री नहीं बनाया    ||   सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर छिड़ी जंग, हिरासत में 30 प्रदर्शनकारी    ||   विवेक तिवारी हत्याकांडः HC की लखनऊ बेंच ने CBI जांच की मांग ठुकराई    ||

मम्मी-पापा की लाड़ली का भविष्य होगा और सुरक्षित , सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना में किए बड़े बदलाव, जानें नए नियम

अंग्वाल न्यूज डेस्क
मम्मी-पापा की लाड़ली का भविष्य होगा और सुरक्षित , सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना में किए बड़े बदलाव, जानें नए नियम

नई दिल्ली । केंद्र की मोदी सरकार ने देश में बच्चियों की शिक्षा को लेकर यूं तो कई तरह की योजनाएं चलाई हैं लेकिन इनमें से एक सुकन्या समृद्धि योजना इन दिनों खासी सुर्खियों में है। 2015 में शुरू हुई इस योजना में हाल में सरकार ने लोगों को लाभ पहुंचाने की नीयत से कुछ बदलाव किए हैं, जिसके तहत अकाउंट खोलने के लिए न्यूनतम राशि और सालाना न्यूनतम जमा राशि को लेकर कुछ संशोधन अहम हैं। खास बात ये है कि गत वर्ष नवंबर तक इस योजना के तहत 1.26 करोड़ से ज्यादा खाते हो गए हैं, जिनमें करीब 19,183 करोड़ रुपये जमा हैं।

घट गई सालाना जमा राशि की सीमा

सरकार ने आम जनता को इस योजना का लाभ पहुंचाने के लिए पिछले दिनों इसमें कुछ बदलाव किए हैं। असल में सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना के तहत अकाउंट में सालाना न्यूनतम राशि रखने की सीमा को घटाया है। पहले योजना के तहत एक हजार रुपये न्यूनतम इस अकाउंट में जमा कराना अनिवार्य था लेकिन 6 जुलाई 2018 के बाद से अब इस अकाउंट में 250 रुपये/वर्ष न्यूनतम जमाराशि कर दी गई है। 

हर तीसरे महीने में तय होगा ब्याज 

इतना ही नहीं इस  योजना के तहत खुले अकाउंट पर पहले ब्याज अकाउंट में जमा राशि पर सालाना आधार पर मिला था लेकिन अब जमा राशि पर हर तिमाही में ब्याज तय होगा। ऐसा प्रावधान अन्य छोटी बचत योजनाओं जैसे- पीपीएफ, और सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम आदि में पहले से है. फिलहाल सुकन्या समृद्धि योजना में 8.1 प्रतिशत का ब्याज (चक्रवृद्धि) सालाना मिलता रहा है।

UIDAI ने आधार नंबर को सुरक्षित करने के लिए 'फेशियल रिकग्नीशन' का लिया फैसला , टेलीकॉम कंपनियों को सर्कुलर जारी

250 रुपये में खुलेगा अकाउंट

योजना से जुड़े नियमों में किए अहम बदलाव में एक और खास बात ये है कि पहले इस योजना के तहत अकाउंट खोलने के लिए 1000 रुपये जमा करने पड़ते थे।  लेकिन, अब आप अपनी बच्ची के लिए यह अकाउंट महज 250 रुपये में ही खोल सकते हैं । नियम में यह बदलाव सुकन्या समृद्धि योजना (संशोधन) कानून, 2018 के अन्तर्गत किया गया है।

अब रेलवे स्टेशन से अपनी मंजिल तक पहुंचना होगा आसान, आईआरसीटीसी ऐप से बुक कर सकते हैं ओला कैब  


टैक्स में भी मिलेगी राहत

इतना ही नहीं इस अकाउंट में जमा कराई गई राशि के बदले बच्ची के माता-पिता को टैक्स छूट का भी प्रावधान दिया गया है। इस प्रावधान ने सुकन्या समृद्धि योजना को आम लोगों में और ज्यादा आकर्षित किया है। यह योजना आयकर नियम की धारा 80C के तहत एक वित्तीय वर्ष में 1.50 लाख रुपये तक की टैक्स छूट के दायरे में है। पूरा ब्याज और परिपक्वता राशि भी कर दायरे से बाहर है। इस योजना में एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं। 

राज्यपाल बदलने के साथ जम्मू कश्मीर में नई सरकार बनाने की कवायद तेज, भाजपा-नेशनल कांफ्रेंस आ सकते हैं साथ!

15 साल के लिए होता है अकाउंट

सुकन्या समृद्धि योजना के तहत अकाउंट में 15 साल तक के लिए राशि जमा की जा सकती है। इसके बाद तय किए गए मानक के रूप में अकाउंट पर सिर्फ ब्याज ही मिलता रहेगा। इस योजना के तहत अकाउंट की परिपक्वता 21 साल पूरा होने पर होगी।

10 साल तक उम्र तक खोल सकते हैं अकाउंट

सुकन्या समृद्धि योजना के अन्तर्गत बच्ची की जन्म तिथि से लेकर अधिकतम 10 साल तक की बच्ची का अकाउंट खुल सकता है। माता-पिता या अभिभावक बच्ची के नाम पर अकाउंट खोल सकते हैं। साथ ही पोस्ट ऑफिस या बैंक में दो बच्ची के नाम पर दो से अधिक अकाउंट नहीं खुल सकता।

50 फीसदी ही निकाल सकेंगे राशि

इस योजना के तहत अकाउंट से राशि की निकासी बच्ची के 18 साल की उम्र पूरी होने के समय निकाल सकते हैं. यह भी शिक्षा या विवाह के खर्च के तौर पर ही निकाल सकते हैं. यह निकासी 50 प्रतिशत होगी। 

Todays Beets: