Thursday, January 18, 2018

Breaking News

   98 साल की उम्र में MA करने वाले राज कुमार का संदेश, कहा-हमेशा कोशिश करते रहें     ||   मुंबई स्टॉक एक्सचेंज ने पार किया 34000 का आंकड़ा, ऑफिस में जश्न का माहौल     ||   पं. बंगाल: मालदा से 2 लाख रुपये के फर्जी नोट बरामद, एक गिरफ्तार    ||   सेक्स रैकेट का भंड़ाभोड़: दिल्ली की लेडी डॉन सोनू पंजाबन अरेस्ट    ||   रूपाणी कैबिनेट: पाटीदारों का दबदबा, 1 महिला को भी मंत्रिमंडल में मिली जगह    ||   पशु तस्करों और पुलिस में मुठभेड़, जवाबी गोलीबारी में एक मरा, घायल गायें बरामद    ||   RTI में खुलासा- भगत सिंह-राजगुरु-सुखदेव को अब तक नहीं मिला शहीद का दर्जा, सरकारी किताब में बताया गया 'आतंकी'     ||    गुजरात चुनाव: रैली में बोले BJP नेता- दाढ़ी-टोपी वालों को कम करना पड़ेगा, डराने आया हूं ताकि वो आंख न उठा सकें    ||   मध्य प्रदेश: बाबरी विध्वंस पर जुलूस निकाल रहे विहिप-बजरंग दल कार्यकर्ता पर पथराव, भड़क गई हिंसा    ||   बैंक अकाउंट को आधार से जोड़ने की तारीख बढ़ी, जानिए क्या है नई तारीख    ||

मैरिटल रेप पर बहस के लिए तैयार है दिल्ली हाई कोर्ट, 4 सितंबर को होगी अगली सुनवाई 

अंग्वाल संवाददाता
मैरिटल रेप पर बहस के लिए तैयार है दिल्ली हाई कोर्ट, 4 सितंबर को होगी अगली सुनवाई 

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट में मैरिटल रेप को अपराध की श्रेणी में शामिल करने के लिए सुनवाई जारी है। इस मामले में दोबारा सुनवाई की तारीख 4 सितंबर तय की गई है। याचिकाकर्ता की तरफ से पेश हुए वकील कोलिन गोंजाल्विस ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि शादी का मतलब यह नहीं होता कि पुरूष औरतों को दास बना लें। उनके साथ जबरदस्ती यौन संबंध बनाए। अपना पक्ष रखने के लिए उन्होंने नेपाल समेत कई अन्य देशों के तर्क भी न्यायपीठ के आगे रखें और कहा कि नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने भी वर्ष 2001 में यह साफ कर दिया था कि अगर शादी के बाद कोई व्यक्ति अपनी पत्नी के साथ बलात्कार करता है तो उसे महिला की स्वतंत्रता का हनन माना जाएगा। याचिकाकर्ता ने इस मामले में कई यूरोपीयन देशों की सुप्रीम कोर्ट के मैरिटल रेप संबंधित आदेश पढ़कर सुनाए। 

यह भी पढ़े- गर्भवती महिला ऑपरेशन टेबल पर बेहोश थी और ऑपरेशन के बजाए डॉक्टर आपस में लड़ने लगे, नवजात की मौ...

याचिकाकर्ता के इन तर्कों के बाद कोर्ट ने टिप्पणी में कहा कि फिलिपींस जैसे देशों में वहां के सुप्रीम कोर्ट ने शादी के बाद महिला के साथ जबरन यौन संबंध बनाने को अपराध की श्रेणी में रखा है। इस बीच कोर्ट ने मैरिटल रेप के मामले में सभी पक्षों की दलीलें सुनी, जिसमें सरकार व तमाम एनजीओ भी शामिल हैं। 


यह भी पढ़े- पूर्व पाक राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने दाऊद इब्राहिम के पाकिस्तान में होने की ओर किया इशारा 

वहीं दूसरी तरफ केंद्र सरकार ने मैरिटल रेप को अपराध घोषित किए जाने का विरोध किया है। दिल्ली हाई कोर्ट में कई अर्जी दाखिल कर उस प्रावधान को चुनौती दी गई है, जिसमें कहा गया है कि 15 साल से ज्यादा उम्र की पत्नी के साथ रेप को अपराध नहीं माना जाएगा। इस प्रवधान को कई एनजीओ ने गैर-संवैधानिक घोषित किए जाने के लिए याचिका दर्ज की थी। 

Todays Beets: